RAS प्रश्न
किस मौर्य शासक ने जैन धर्म अपनाया और श्रवणबेलगोला चले गए?
सही उत्तर: (C) चन्द्रगुप्त मौर्य।
चन्द्रगुप्त मौर्य ने जैन धर्म अपनाया, भद्रबाहु के साथ श्रवणबेलगोला गए और वहीं अपने अंतिम दिन बिताए।
व्याख्या
जैन परंपरा, भद्रबाहु और श्रवणबेलगोला का साथ-साथ संबंध चन्द्रगुप्त मौर्य से जुड़ता है। Britannica के अनुसार चन्द्रगुप्त मौर्य को भद्रबाहु ने जैन धर्म स्वीकार करने के लिए प्रभावित किया था। भद्रबाहु ने 12 साल के अकाल की आशंका बताई; अकाल आने पर चन्द्रगुप्त ने उससे निपटने की कोशिश की, लेकिन दुखी होकर वे भद्रबाहु की सेवा में अपने अंतिम दिन बिताने के लिए दक्षिण-पश्चिम भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्रवणबेलगोला चले गए। उन्होंने सिंहासन छोड़ा, जैन भिक्षु बने और चंद्रगिरि पहाड़ी पर संल्लेखना यानी उपवास द्वारा मृत्यु का अनुष्ठान किया। इसलिए सही पहचान चन्द्रगुप्त मौर्य है, न कि कोई बाद का मौर्य शासक।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) बृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक थे और पुष्यमित्र शुंग द्वारा मारे गए; उनके साथ जैन धर्म अपनाकर श्रवणबेलगोला जाने की परंपरा नहीं जुड़ी है।
- (B) अशोक की पहचान बौद्ध धर्म अपनाने से जुड़ी है, जबकि जैन धर्म, भद्रबाहु और श्रवणबेलगोला की परंपरा चन्द्रगुप्त मौर्य से जुड़ती है।
- (D) बिन्दुसार को आजीवक संप्रदाय से जोड़ा जाता है; जैन भिक्षु बनकर श्रवणबेलगोला जाने का संकेत चन्द्रगुप्त मौर्य पर लागू होता है।
अवधारणा
प्राचीन भारत में मौर्य शासकों और धार्मिक परंपराओं का संबंध RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे राजवंश, धर्म और ऐतिहासिक स्थलों को एक साथ जोड़ते हैं।
