RAS प्रश्न
किस मौर्य शासक ने जैन धर्म अपनाया और श्रवणबेलगोला चले गए?
सही उत्तर: (C) चन्द्रगुप्त मौर्य।
परंपरा के अनुसार, चन्द्रगुप्त मौर्य ने भद्रबाहु के मार्गदर्शन में जैन धर्म अपनाया और अपने अंतिम दिन श्रवणबेलगोला में बिताए।
व्याख्या
चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन का अंतिम दौर केवल राजसत्ता के उत्तराधिकार से नहीं, बल्कि जैन संन्यास की परंपरा से भी जुड़ा है। Britannica में उल्लिखित परंपरा के अनुसार, भद्रबाहु प्रथम ने चन्द्रगुप्त को जैन धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद चन्द्रगुप्त श्रवणबेलगोला चले गए और अपने अंतिम दिन भद्रबाहु की सेवा में बिताए। वहीं उन्होंने उपवास करके प्राण त्यागे। जैन परंपरा के प्रचलित वर्णन के अनुसार, चन्द्रगुप्त ने सिंहासन त्यागा, भद्रबाहु के मार्गदर्शन में जैन मुनि बने, कर्नाटक के श्रवणबेलगोला गए और माना जाता है कि चंद्रगिरि पहाड़ी पर सल्लेखना व्रत का पालन किया। कर्नाटक पर्यटन भी श्रवणबेलगोला को जैन तीर्थस्थल बताता है और उल्लेख करता है कि सिंहासन त्यागने के बाद चन्द्रगुप्त मौर्य ने वहाँ ध्यान किया था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) बृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक थे और पुष्यमित्र शुंग ने उनकी हत्या की थी; जैन संन्यास लेकर श्रवणबेलगोला जाने की परंपरा चन्द्रगुप्त मौर्य से जुड़ी है।
- (B) अशोक का प्रमुख धार्मिक संबंध बौद्ध धर्म से है; भद्रबाहु के मार्गदर्शन में जैन संन्यास लेकर श्रवणबेलगोला जाने की परंपरा उनसे नहीं जुड़ी है।
- (D) बिन्दुसार का संबंध आजीवक संप्रदाय से माना जाता है, जबकि जैन भिक्षु बनकर श्रवणबेलगोला जाने की परंपरा चन्द्रगुप्त मौर्य से जुड़ी है।
अवधारणा
RAS के प्राचीन भारत खंड में मौर्य वंश और उसके शासकों के धार्मिक संबंध पढ़े जाते हैं। जैन, बौद्ध और अन्य अवैदिक परंपराओं से उन मौर्य शासकों के बीच अंतर समझने में मदद मिलती है जिन्हें अक्सर साथ-साथ पढ़ा जाता है।
