RAS प्रश्न
राजस्थान के किस लोक देवता को लंका (श्रीलंका) से ऊँट लाने का श्रेय दिया जाता है?
सही उत्तर: (D) पाबूजी राठौड़।
राजस्थानी लोककथाओं में पाबूजी राठौड़ को लंका यानी श्रीलंका से ऊँट राजस्थान लाने की परंपरा से जोड़ा जाता है।
व्याख्या
ऊँट और लंका की लोककथा सीधे पाबूजी राठौड़ से जुड़ती है। Sahapedia के लेख में पाबूजी राठौड़ के भोपा गायकों से जुड़ी कथा दी गई है: पाबूजी ने अपनी भतीजी को विवाह-उपहार में लाल-भूरी मादा ऊँटनियाँ देने का वचन दिया, फिर हरमेल राइका ने लंकिया जाकर रावण के ऊँटों का झुंड ले आया। इसी कथा के आधार पर लोगों में यह विश्वास बना कि ऊँट मूल रूप से श्रीलंका से आए। इसलिए RAS में पाबूजी राठौड़ सही माने जाते हैं। पाबूजी के इसी ऊँट-संबंध के कारण वे राइका/रेबारी ऊँट पालकों के आराध्य माने जाते हैं, और उनकी वीरगाथा फड़ परंपरा से सुनाई जाती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गोगाजी का लोक-विश्वास साँपों से रक्षा से जुड़ा है, जबकि लंका से ऊँट लाने वाली परंपरा पाबूजी-कथा से जुड़ी है।
- (B) तेजाजी को पशुधन, खासकर गायों की रक्षा की परंपरा से जोड़ा जाता है; लंका से ऊँट लाने का श्रेय उनसे संबद्ध नहीं है।
- (C) बाबा रामदेव की पहचान साम्प्रदायिक सद्भाव और लोक-भक्ति से जुड़ी है, ऊँटों को लंका से राजस्थान लाने वाली कथा से नहीं।
अवधारणा
राजस्थान के लोक देवताओं की पहचान उनसे जुड़ी पशुपालक परंपराओं से भी बनती है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि लोक देवता, फड़, राइका/रेबारी और मरुस्थलीय जीवन राजस्थान की कला-संस्कृति के स्थायी हिस्से हैं।
