RAS प्रश्न
खुदरा ऋण देते समय बैंक सबसे अधिक किस बाहरी बेंचमार्क का उपयोग करते हैं?
सही उत्तर: (A) रेपो दर।
खुदरा ऋणों में बैंकों द्वारा सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला बाहरी बेंचमार्क RBI की रेपो दर है।
व्याख्या
अधिकांश बैंक गृह ऋण, ऑटो ऋण और MSME ऋण जैसे खुदरा ऋणों के लिए बाहरी बेंचमार्क के रूप में RBI रेपो दर का उपयोग करते हैं। 1 अक्टूबर 2019 से बैंकों ने चल-दर खुदरा ऋणों को बाहरी बेंचमार्क से जोड़ा है, और अधिकतर मामलों में यह बेंचमार्क रेपो दर है। इसलिए रेपो दर में बदलाव सीधे इन ऋणों की ब्याज दरों को प्रभावित करता है। यही कारण है कि मौद्रिक नीति संचरण बेहतर होता है: RBI की नीति दर में बदलाव बैंक की ऋण दरों तक अपेक्षाकृत साफ तरीके से पहुंचता है। SBI अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट यानी RLLR का भी उपयोग करता है, लेकिन उसका आधार भी रेपो से जुड़ा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) T-बिल दर बाहरी बेंचमार्क के रूप में उपलब्ध हो सकती है, लेकिन खुदरा ऋणों में अधिकतर बैंक रेपो दर का उपयोग करते हैं।
- (C) LIBOR अंतरराष्ट्रीय संदर्भ की दर है, भारतीय खुदरा ऋणों के सामान्य बाहरी बेंचमार्क के रूप में इसका उपयोग नहीं होता।
- (D) MIBOR का उपयोग हो सकता है, लेकिन खुदरा ऋणों में सबसे आम बेंचमार्क रेपो दर है, इसलिए यह सर्वोत्तम उत्तर नहीं है।
अवधारणा
मौद्रिक नीति संचरण और बाहरी बेंचमार्क आधारित ऋण दरों की समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि रेपो दर में बदलाव सीधे ऋण, EMI और बैंकिंग नीति से जुड़ता है।
