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RAS प्रश्न

राजस्थान की खनिज संपदा में तामड़ा की सही पहचान कौन-सी है?

सही उत्तर: (A) लाल-गुलाबी आभा वाला पारदर्शी रत्न, जिसके संदर्भ में राजस्थान की प्रधान स्थिति बताई गई है।।

राजस्थान की खनिज संपदा में तामड़ा लाल-गुलाबी पारदर्शी पत्थर के रूप में मिलने वाला बहुमूल्य रत्न है।

  1. (A)

    लाल-गुलाबी आभा वाला पारदर्शी रत्न, जिसके संदर्भ में राजस्थान की प्रधान स्थिति बताई गई है।

  2. (B)

    देवगढ़-कांकरोली पट्टी से जुड़ा हरे रंग का चमकीला रत्न।

  3. (C)

    राजसमंद, उदयपुर और दौसा आदि जिलों से मिलने वाला घीया पत्थर।

  4. (D)

    बाँसवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद में प्रमुख रूप से मिलने वाला डोलोमाइट।

व्याख्या

तामड़ा को खनिजों की सामान्य धातु-अधातु सूची में नहीं, बल्कि बहुमूल्य रत्न के रूप में पहचानना चाहिए। राजआरएएस के खनिज पृष्ठ पर तामड़ा के अन्य नाम रक्त मणि और गारनेट दिए गए हैं, और उसकी साफ पहचान लाल-गुलाबी पारदर्शी पत्थर के रूप में की गई है। उसी अंश में बताया गया है कि तामड़ा 2 प्रकार का होता है और राज्य में रत्न-गुणवत्ता वाला तामड़ा अधिक मिलता है। इसलिए विकल्प A सही है। बाकी विकल्प अलग खनिजों से जुड़े संकेत हैं: पन्ना अलग रत्न है, घीया पत्थर अलग जिला-समूह से जोड़ा गया है, और डोलोमाइट का वितरण बाँसवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद आदि क्षेत्रों में बताया गया है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) हरे चमकीले रत्न और देवगढ़-कांकरोली पट्टी वाला संकेत तामड़ा नहीं, पन्ना से जुड़ा विवरण है।
  • (C) राजसमंद, उदयपुर और दौसा आदि जिलों से मिलने वाला घीया पत्थर अलग खनिज है, जबकि तामड़ा बहुमूल्य रत्न है।
  • (D) बाँसवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद में प्रमुख रूप से मिलने वाला खनिज डोलोमाइट बताया गया है, तामड़ा नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान भूगोल में खनिज संसाधनों की पहचान और उनके क्षेत्रीय संकेतों की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि एक जैसे नामों के बीच रत्न, औद्योगिक खनिज और उनके उत्पादक क्षेत्र अलग-अलग याद रखने पड़ते हैं।

स्रोत

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