RAS प्रश्न
किस समिति ने भारतीय बैंकिंग में बेसल मानदंडों को लागू करने की सिफारिश की?
सही उत्तर: (B) नरसिम्हम समिति।
भारतीय बैंकिंग में बेसल पूंजी पर्याप्तता मानदंड लागू करने की सिफारिश नरसिम्हम समिति ने की थी।
व्याख्या
नरसिम्हम समिति भारतीय बैंकिंग क्षेत्र सुधारों से जुड़ी समिति थी। 1991 की प्रथम और 1998 की द्वितीय नरसिम्हम समिति के सुधारों में बेसल पूंजी पर्याप्तता मानदंड अपनाना, NPA में कमी, CRR और SLR में चरणबद्ध कमी तथा बैंकिंग प्रणाली का पुनर्गठन शामिल था। भारतीय रिजर्व बैंक के पूंजी पर्याप्तता मास्टर सर्कुलर में बेसल समझौते से निकला CRAR ढांचा पूंजी पर्याप्तता मापने का आधार है। इसी सर्कुलर के तहत वाणिज्यिक बैंकों के लिए 1992 में 8% न्यूनतम CRAR नरसिम्हम समिति I की सिफारिशों पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। इसलिए सही समिति नरसिम्हम समिति है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रंगराजन समिति ने बेसल पूंजी पर्याप्तता मानदंडों की सिफारिश नहीं की थी; यह सिफारिश बैंकिंग सुधारों से जुड़ी नरसिम्हम समिति से संबंधित है।
- (C) तेंदुलकर समिति गरीबी आकलन से संबंधित थी, इसलिए बैंकिंग क्षेत्र सुधार और बेसल पूंजी पर्याप्तता मानदंडों की सिफारिश से उसका संबंध नहीं बैठता।
- (D) केलकर समिति कर सुधारों से जुड़ी थी, जबकि यहां बैंकिंग सुधारों और पूंजी पर्याप्तता मानदंडों की सिफारिश से जुड़ी समिति अपेक्षित है।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में बैंकिंग क्षेत्र सुधार और विवेकपूर्ण नियमन की समझ जरूरी है। RAS में समितियां इसलिए बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि उनसे सुधारों, नियामकीय ढांचे और बैंकिंग स्थिरता को सीधे जोड़ा जाता है।
