RAS प्रश्न
चंबल घाटी का कौन सा प्रागैतिहासिक शैल-कला स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आंशिक रूप से संरक्षित है?
सही उत्तर: (D) चतुर्भुजनाथ नाला।
चंबल घाटी के प्रागैतिहासिक शैल-कला स्थलों में चतुर्भुजनाथ नाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आंशिक रूप से संरक्षित है।
व्याख्या
चतुर्भुजनाथ नाला चंबल घाटी के शैल-कला स्थलों की UNESCO अस्थायी सूची में मन्दसौर जिले के क्लस्टर में शामिल है। चंबल बेसिन मध्य प्रदेश और राजस्थान में फैला बड़ा शैल-कला क्षेत्र है, जहां पुरापाषाण, मध्यपाषाण, ताम्रपाषाण और आरंभिक ऐतिहासिक कालों तक की परंपरा मिलती है। वर्तमान में केवल चतुर्भुजनाथ नाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आंशिक रूप से संरक्षित है। इसलिए विकल्प D सही है; यह बूंदी-जिले की स्थानीय पहचान का मामला नहीं, बल्कि चंबल बेसिन की UNESCO सूची और ASI संरक्षण-स्थिति से जुड़ा तथ्य है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गढ़ बिटली चंबल घाटी के प्रमुख शैल-चित्र स्थलों या ASI द्वारा आंशिक रूप से संरक्षित स्थलों में शामिल नहीं है।
- (B) कोल्वी/खोलवी राजस्थान के झालावाड़ क्लस्टर में सूचीबद्ध है, लेकिन ASI द्वारा आंशिक संरक्षण चतुर्भुजनाथ नाला से जुड़ा है।
- (C) दर्रा कोटा जिले के क्लस्टर में आता है, पर संरक्षित शैल-कला स्थल के निर्णायक उत्तर के बजाय उसकी पहचान वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थान कला-संस्कृति में प्रागैतिहासिक शैल-कला और विरासत-संरक्षण की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में स्थल, जिला/क्षेत्र और आधिकारिक संरक्षण-स्थिति की छोटी-सी गड़बड़ी से उत्तर बदल जाता है।
