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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

भारतीय संविधान का अंतिम व्याख्याकार कौन-सा निकाय है?

सही उत्तर: (C) भारत का सर्वोच्च न्यायालय।

भारतीय संविधान की अंतिम व्याख्या भारत का सर्वोच्च न्यायालय करता है।

  1. (A)

    भारतीय संसद

  2. (B)

    भारत के राष्ट्रपति

  3. (C)

    भारत का सर्वोच्च न्यायालय

  4. (D)

    भारत निर्वाचन आयोग

व्याख्या

भारतीय संविधान सर्वोच्च कानूनी प्राधिकार है और सरकार की विधायिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका तीनों को बांधता है। इसी ढांचे में सर्वोच्च न्यायालय शीर्ष न्यायिक संस्था है। अनुच्छेद 124-147 के तहत वह संविधान का संरक्षक और अंतिम व्याख्याकार माना जाता है। यह भूमिका इसलिए निर्णायक है क्योंकि न्यायपालिका उन कानूनों या सरकारी कार्रवाइयों को अमान्य कर सकती है जो संविधान का उल्लंघन करती हैं। अनुच्छेद 141 के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय भारत की सीमा के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं, इसलिए संवैधानिक अर्थ तय करने में अंतिम प्राधिकार संसद, राष्ट्रपति या किसी आयोग के पास नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के पास है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) भारतीय संसद कानून बनाती है, लेकिन उन कानूनों की संवैधानिकता और संविधान के अंतिम अर्थ का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय करता है।
  • (B) भारत के राष्ट्रपति राज्य के प्रमुख हैं, पर उन्हें संविधान का अंतिम व्याख्याकार नहीं माना जाता।
  • (D) भारत निर्वाचन आयोग चुनाव कराता है, लेकिन संवैधानिक व्याख्या में उसकी अंतिम न्यायिक भूमिका नहीं है।

अवधारणा

यह प्रश्न भारतीय संविधान में न्यायपालिका की भूमिका, न्यायिक पुनरावलोकन और बाध्यकारी निर्णयों की समझ जांचता है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि शासन-व्यवस्था के प्रश्नों में संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका की सीमाएं अलग-अलग पहचाननी पड़ती हैं।

स्रोत

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