RAS प्रश्न
राजस्थान के किस भील नेता को 'वागड़ का गांधी' कहा जाता है?
सही उत्तर: (A) भोगीलाल पंड्या।
राजस्थान के भील नेता भोगीलाल पंड्या को वागड़ का गांधी कहा जाता है।
व्याख्या
भोगीलाल पंड्या (1904-1981) के साथ वागड़ का गांधी नाम इसलिए जुड़ा है क्योंकि उनका काम वागड़ क्षेत्र की जनजातीय जनता, खासकर भील समुदाय, के उत्थान और स्वतंत्रता संघर्ष से सीधा जुड़ा था। वागड़ क्षेत्र डूंगरपुर, बांसवाड़ा और दक्षिणी उदयपुर के कुछ भागों से मिलकर बनता है, और भोगीलाल पंड्या सिमलवाड़ा से संबंधित थे। उन्होंने डूंगरपुर प्रजा मंडल और सेवा मंदिर की स्थापना की और वागड़ की जनजातीय समुदायों को भारत के स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ा। वागड़ क्षेत्र और भील समाज से जुड़ा नेतृत्व भोगीलाल पंड्या की पहचान का निर्णायक संकेत है। उन्हें 1976 में पद्म भूषण भी मिला।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) गोविंद गिरी भील समाज के सामाजिक-धार्मिक सुधार और मंगढ़ से जुड़े प्रमुख नेता थे, लेकिन वागड़ का गांधी विशेष उपनाम भोगीलाल पंड्या के लिए प्रयोग होता है।
- (C) माणिक्यलाल वर्मा का संदर्भ मेवाड़ प्रजा मंडल से जुड़ता है, जबकि यहाँ पहचान वागड़ क्षेत्र के भील नेतृत्व और भोगीलाल पंड्या से संबंधित उपनाम की है।
- (D) मोतीलाल तेजावत को मेवाड़ का गांधी कहा जाता है, इसलिए उन्हें वागड़ का गांधी मानना क्षेत्रीय उपाधि की अदला-बदली है।
अवधारणा
राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र वागड़ में स्वतंत्रता-आंदोलन नेतृत्व की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे उपनाम क्षेत्र, समाज और आंदोलन को एक साथ जोड़ते हैं।
