RAS प्रश्न
किस भक्ति संत ने 'बीजक' की रचना की?
सही उत्तर: (C) कबीर।
बीजक कबीर की शिक्षाओं और वाणी का संकलन है, जिसे कबीर पंथ का प्रमुख धर्मग्रंथ माना जाता है।
व्याख्या
बीजक को कबीर की शिक्षाओं का संकलन माना जाता है। इसमें उनके दोहे, शब्द और साखियाँ शामिल हैं, इसलिए यह कबीर पंथ के अनुयायियों का प्रमुख धर्मग्रंथ है। Encyclopedia.com बीजक को कबीर के “शब्दों” की पूर्वी परंपरा के रूप में रखता है। इसलिए बीजक रामानंद, नामदेव या रविदास जैसे अलग भक्ति संतों से नहीं, बल्कि कबीर की वाणी और कबीर पंथ की परंपरा से जुड़ता है। आरएएस में भक्ति आंदोलन के संत-साहित्य और पंथों की पहचान महत्वपूर्ण रहती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रामानंद कबीर के गुरु के रूप में जुड़े हैं, लेकिन बीजक की रचना या संकलन उनसे नहीं, कबीर की शिक्षाओं से जुड़ा है।
- (B) नामदेव मराठी भक्ति परंपरा के संत हैं, जबकि बीजक कबीर की वाणी तथा कबीर पंथ से संबंधित है।
- (D) रविदास अलग भक्ति संत हैं; बीजक उनके साहित्य के रूप में नहीं, कबीर की शिक्षाओं और शब्दों के संकलन के रूप में जाना जाता है।
अवधारणा
मध्यकालीन भक्ति आंदोलन में संतों, उनकी वाणी और संबंधित पंथों की पहचान महत्वपूर्ण है। आरएएस में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि संत-साहित्य सामाजिक-धार्मिक सुधार और मध्यकालीन भारतीय इतिहास दोनों से जुड़ता है।
