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RAS प्रश्न

किस युद्ध ने अजमेर और दिल्ली में चौहान शक्ति का अंत किया?

सही उत्तर: (B) द्वितीय तराइन युद्ध (1192)।

द्वितीय तराइन युद्ध (1192) ने अजमेर और दिल्ली में चौहान शक्ति का अंत किया।

  1. (A)

    हल्दीघाटी का युद्ध (1576)

  2. (B)

    द्वितीय तराइन युद्ध (1192)

  3. (C)

    खानवा का युद्ध (1527)

  4. (D)

    प्रथम तराइन युद्ध (1191)

व्याख्या

द्वितीय तराइन युद्ध (1192) इसलिए निर्णायक माना जाता है क्योंकि इसी युद्ध में मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज तृतीय को हराया। Britannica पृथ्वीराज तृतीय को अजमेर और दिल्ली का चौहान शासक बताती है और लिखती है कि 1192 में मुहम्मद ने उसी मैदान पर लौटकर पृथ्वीराज को पराजित किया। इसके बाद दिल्ली पर 1192-93 में कब्जा हुआ और चौहान क्षेत्र मुस्लिम शासन के अधीन आ गए। इसलिए यह केवल एक युद्ध-तिथि याद करने का प्रश्न नहीं है; यह अजमेर-दिल्ली की चौहान सत्ता से दिल्ली सल्तनत काल की शुरुआत की दिशा में सत्ता-परिवर्तन को पहचानने का प्रश्न है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) हल्दीघाटी का युद्ध (1576) मेवाड़ से जुड़ा था, इसलिए यह अजमेर और दिल्ली की चौहान सत्ता के अंत की घटना नहीं हो सकता।
  • (C) खानवा का युद्ध (1527) भी मेवाड़ से संबंधित प्रसंग है, जबकि प्रश्न चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय और अजमेर-दिल्ली की सत्ता पर है।
  • (D) प्रथम तराइन युद्ध (1191) में पृथ्वीराज की ओर से राजपूत पक्ष ने मुहम्मद गोरी को हराया था, इसलिए उससे चौहान शक्ति समाप्त नहीं हुई।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान के मध्यकालीन राजनीतिक इतिहास में चौहान शक्ति और तराइन युद्धों की निर्णायकता को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे राजवंश, क्षेत्र और सत्ता-परिवर्तन को एक साथ जोड़ते हैं।

स्रोत

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