RAS प्रश्न
कौन सा युद्ध 'राजस्थान का थर्मोपाइली' माना जाता है?
सही उत्तर: (A) हल्दीघाटी का युद्ध।
हल्दीघाटी के युद्ध को राजस्थान का थर्मोपाइली माना जाता है; अधिक सटीक रूप से, कर्नल जेम्स टॉड ने इसे मेवाड़ का थर्मोपाइली कहा था।
व्याख्या
हल्दीघाटी सही उत्तर है, क्योंकि कर्नल जेम्स टॉड ने इसे “मेवाड़ का थर्मोपाइली” और देवेर को “मेवाड़ का मैराथन” कहा था। 1576 के इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने बेहद असमान परिस्थितियों के बावजूद मुगल सेना का सामना किया। टॉड के वर्णन में संकरे पहाड़ी दर्रे और कठिन भू-भाग पर लड़ा गया यह युद्ध, मेवाड़ जैसी छोटी रियासत के उस वीरतापूर्ण प्रतिरोध को दर्शाता है जो उनके अनुसार उस समय के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य के संसाधनों के सामने भी डटी रही। इसलिए यह उपमा संख्या या अंतिम परिणाम पर नहीं, बल्कि असमान परिस्थितियों में दिखाई गई वीरता और दृढ़ प्रतिरोध पर आधारित है। यह पहचान किसी दूसरे प्रमुख राजपूत युद्ध की नहीं, हल्दीघाटी की है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) सुमेल का युद्ध एक अलग युद्ध था, जिसमें राव मालदेव और शेरशाह सूरी शामिल थे; टॉड ने उसके लिए थर्मोपाइली की उपमा नहीं दी।
- (C) खानवा का युद्ध बाबर और राणा सांगा के बीच लड़ा गया था; टॉड की “मेवाड़ का थर्मोपाइली” वाली पहचान हल्दीघाटी के लिए है, खानवा के लिए नहीं।
- (D) टॉड ने 1582 के देवेर युद्ध को मेवाड़ का मैराथन कहा था, जबकि थर्मोपाइली की उपमा हल्दीघाटी के लिए दी थी।
अवधारणा
RAS की तैयारी में राजस्थान के प्रसिद्ध युद्धों और शासकों को औपनिवेशिक दौर के इतिहासकारों की उपमाओं से जोड़कर पढ़ना महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रश्नों में युद्ध, शासक और इतिहासकार की टिप्पणी को अलग-अलग विकल्पों में रखकर भ्रम पैदा किया जाता है; हल्दीघाटी, देवेर, खानवा और सुमेल से जुड़े तथ्य तथा ऐतिहासिक उपमाएँ अक्सर इसी ढंग से पूछी जाती हैं।
