RAS प्रश्न
अशोक का कौन-सा शिलालेख धार्मिक सहिष्णुता और सभी संप्रदायों के प्रति सम्मान से संबंधित है?
सही उत्तर: (D) शिलालेख XII।
अशोक का शिलालेख XII धार्मिक सहिष्णुता और अलग-अलग संप्रदायों के परस्पर सम्मान से संबंधित है।
व्याख्या
शिलालेख XII में अशोक धार्मिक सहिष्णुता को केवल सामान्य सद्भावना नहीं मानता, बल्कि वाणी के संयम से जोड़ता है। इसमें वह कहता है कि अपने संप्रदाय की अंधी प्रशंसा और दूसरे संप्रदाय की अनावश्यक निंदा, अंत में अपने ही संप्रदाय को हानि पहुँचाती है। इसलिए आलोचना भी हो तो हल्के ढंग से हो, और दूसरे संप्रदायों का सम्मान किया जाए। इसी से "सभी धर्मों के सार की वृद्धि" होती है: अलग-अलग धर्मों की मूल बातों की वृद्धि तब होती है जब लोग सुनते हैं, सम्मान रखते हैं और अपने मत को ऊँचा दिखाने के लिए दूसरों को नीचा नहीं करते।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) शिलालेख I पशु-वध, बलि और कुछ उत्सवों पर रोक से जुड़ा है; वह सभी संप्रदायों के परस्पर सम्मान का निर्देश नहीं देता।
- (B) स्तंभलेख IV सही नहीं है, क्योंकि धार्मिक सहिष्णुता और अलग-अलग मतों के सम्मान वाला निर्देश स्तंभलेख में नहीं, शिलालेख XII में चिन्हित है।
- (C) शिलालेख VI राज्य-कार्य, रिपोर्ट पहुँचाने और अशोक की प्रजा के मामलों को सुनने की तत्परता से जुड़ा है; वह संप्रदायों पर संयमित वाणी वाला लेख नहीं है।
अवधारणा
यह प्रश्न मौर्यकालीन शिलालेखों में अशोक के धम्म की पहचान पूछता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए लौटते हैं क्योंकि एक ही धारणा को शिलालेख संख्या, विषय और विकल्पों के अंतर से परखा जा सकता है।
