RAS प्रश्न
कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को संसद के किसी भी सदन का सत्रावसान करने की शक्ति देता है?
सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 85।
राष्ट्रपति द्वारा संसद के सदनों या किसी एक सदन का सत्रावसान करने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 85 में है।
व्याख्या
अनुच्छेद 85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन से जुड़ा प्रावधान है। इसके अनुसार राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर बैठक के लिए बुलाते हैं जिसे वे उचित समझें, लेकिन एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच 6 महीने से अधिक अंतर नहीं हो सकता। इसी अनुच्छेद के खंड 2 में स्पष्ट है कि राष्ट्रपति समय-समय पर दोनों सदनों या किसी एक सदन का सत्रावसान कर सकते हैं, और लोकसभा को भंग भी कर सकते हैं। इसलिए प्रश्न में राष्ट्रपति द्वारा संसद के सत्रावसान की शक्ति पूछी गई है, तो सही आधार अनुच्छेद 85 ही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 88 मंत्रियों और भारत के महान्यायवादी के सदनों की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने के अधिकार से जुड़ा है, सत्रावसान से नहीं।
- (C) अनुच्छेद 87 राष्ट्रपति के विशेष अभिभाषण से संबंधित है, जिसमें आम चुनाव के बाद पहली बैठक और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत का संदर्भ है।
- (D) अनुच्छेद 86 राष्ट्रपति के किसी सदन या दोनों सदनों को संबोधित करने और संदेश भेजने की शक्ति से जुड़ा है, सत्रावसान की शक्ति से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न संसद की कार्यवाही और राष्ट्रपति की संवैधानिक शक्तियों के तथ्यात्मक अंतर को परखता है। RAS में ऐसे अनुच्छेद बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि विकल्प अक्सर पास-पास के अनुच्छेदों से बनाए जाते हैं।
