RAS प्रश्न
पिछड़े वर्गों की स्थितियों की जांच के लिए आयोग नियुक्त करने की शक्ति राष्ट्रपति को कौन-सा अनुच्छेद देता है?
सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 340।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 340 राष्ट्रपति को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच के लिए आयोग नियुक्त करने की शक्ति देता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 340 का केंद्र सीधे पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच है। इसके तहत राष्ट्रपति ऐसे व्यक्तियों का आयोग नियुक्त कर सकता है जिसे वह उपयुक्त समझे। आयोग भारत के भीतर सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थितियों और उनकी कठिनाइयों की जांच करता है। वह यह भी सिफारिश करता है कि संघ या राज्य उन कठिनाइयों को दूर करने और स्थिति सुधारने के लिए कौन से कदम उठाएं। इसी अनुच्छेद के तहत काका कालेलकर आयोग (1953) और मंडल आयोग (1979) नियुक्त किए गए थे। इसलिए प्रश्न में जिस आयोग-नियुक्ति शक्ति की बात है, वह अनुच्छेद 340 से आती है, न कि अनुसूचित जाति या जनजाति की सूची तय करने वाले प्रावधानों से।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 338 इस प्रश्न का उत्तर नहीं है, क्योंकि यहां पूछी गई शक्ति सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति जांचने के लिए आयोग नियुक्त करने की है, जो अनुच्छेद 340 में दी गई है।
- (B) अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों से जुड़ा प्रावधान है; प्रश्न में पिछड़े वर्गों की स्थितियों की जांच के लिए आयोग नियुक्त करने की बात है, इसलिए यह अनुच्छेद 340 का विषय है।
- (C) अनुच्छेद 342 अनुसूचित जनजातियों से संबंधित प्रावधान है, जबकि यहां सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की जांच के लिए आयोग की राष्ट्रपति-शक्ति पूछी गई है।
अवधारणा
यह प्रश्न संविधान में वर्ग-विशेष आयोगों और राष्ट्रपति की संवैधानिक शक्तियों की पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रावधान बार-बार आते हैं क्योंकि अनुच्छेद संख्या, संबंधित वर्ग और आयोग की भूमिका को अलग-अलग पहचानना जरूरी होता है।
