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RAS प्रश्न

जून 2024 से जे. पी. मॉर्गन के जीबीआई-ईएम सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने का क्या महत्व है?

सही उत्तर: (B) भारतीय सरकारी बॉन्ड में $20-25 बिलियन के निष्क्रिय विदेशी निवेश को आकर्षित करने की उम्मीद।

जून 2024 से JP Morgan के जीबीआई-ईएम सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने का महत्व यह था कि भारतीय सरकारी बॉन्ड में लगभग $20-25 अरब के निष्क्रिय विदेशी निवेश के आने की उम्मीद बनी।

  1. (A)

    जेपी मॉर्गन भारतीय बॉन्ड यील्ड तय करेगा

  2. (B)

    भारतीय सरकारी बॉन्ड में $20-25 बिलियन के निष्क्रिय विदेशी निवेश को आकर्षित करने की उम्मीद

  3. (C)

    भारत अमेरिकी डॉलर में बॉन्ड जारी करेगा

  4. (D)

    इसके बाद केवल FII ही भारतीय बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं

व्याख्या

भारत का JP Morgan के उभरते बाजार सरकारी बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होना 28 जून 2024 से शुरू हुआ और इसे 10 माह में, 31 मार्च 2025 तक, चरणबद्ध रूप से लागू किया जाना था। जीबीआई-ईएम ग्लोबल डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में भारत का भार अधिकतम 10% तक पहुंचने की उम्मीद थी। यही कारण है कि सही उत्तर $20-25 अरब के निष्क्रिय विदेशी निवेश से जुड़ा है: ऐसे वैश्विक फंड जो इस इंडेक्स को मानक मानकर निवेश करते हैं, उन्हें भारतीय सरकारी बॉन्ड में आवंटन करना पड़ता। इससे सरकारी उधारी लागत कम होने की भी उम्मीद थी, क्योंकि सरकारी प्रतिभूतियों के लिए निवेशक आधार और मांग बढ़ती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) JP Morgan इंडेक्स में शामिलीकरण से निवेश आवंटन प्रभावित हो सकता है, लेकिन भारतीय बॉन्ड यील्ड बाजार से तय होती है, किसी इंडेक्स प्रदाता से नहीं।
  • (C) भारतीय सरकारी बॉन्ड के इंडेक्स में शामिल होने से भारत के बॉन्ड अमेरिकी डॉलर में जारी होने नहीं लगते।
  • (D) इंडेक्स में शामिल होने का अर्थ विदेशी निष्क्रिय प्रवाह बढ़ना है, यह नहीं कि इसके बाद भारतीय बॉन्ड में केवल FII ही निवेश कर सकते हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था में सरकारी प्रतिभूति बाजार, विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह और उधारी लागत के संबंध को जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे चालू आर्थिक घटनाओं को राजकोषीय नीति और पूंजी बाजार की बुनियादी समझ से जोड़ते हैं।

स्रोत

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