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RAS प्रश्न

SDF और रिवर्स रेपो के बीच मुख्य अंतर क्या है?

सही उत्तर: (B) SDF के लिए गिरवी की आवश्यकता नहीं होती, जबकि रिवर्स रेपो के लिए होती है।

SDF और रिवर्स रेपो में मुख्य अंतर यह है कि SDF में RBI बिना संपार्श्विक के तरलता अवशोषित कर सकता है, जबकि रिवर्स रेपो में सरकारी प्रतिभूतियों का संपार्श्विक जुड़ा रहता है।

  1. (A)

    SDF की अवधि लंबी है

  2. (B)

    SDF के लिए गिरवी की आवश्यकता नहीं होती, जबकि रिवर्स रेपो के लिए होती है

  3. (C)

    SDF दर रिवर्स रेपो से अधिक है

  4. (D)

    स्टैंडिंग डिपॉजिट सुविधा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए है, जबकि रिवर्स रेपो बैंकों के लिए है

व्याख्या

SDF का निर्णायक बिंदु दर या अवधि नहीं, बल्कि बिना संपार्श्विक तरलता अवशोषण है। RBI की 8 अप्रैल 2022 की प्रेस विज्ञप्ति में SDF को मौद्रिक नीति के परिचालन ढांचे का अतिरिक्त साधन बताया गया है, जिसके जरिए RBI बिना किसी संपार्श्विक के तरलता अवशोषित कर सकता है। इसका अर्थ है कि RBI को तरलता खींचने के लिए सरकारी प्रतिभूतियां देने की बाध्यता नहीं रहती। इसी वजह से SDF, रिवर्स रेपो से अलग है, क्योंकि रिवर्स रेपो में सरकारी प्रतिभूतियों का संपार्श्विक जुड़ा होता है। यह बाधा हटने से RBI के तरलता-प्रबंधन ढांचे को अधिक लचीलापन मिलता है। इसलिए विकल्प B ही सही है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अवधि को मुख्य अंतर बताना सही नहीं है, क्योंकि दोनों को रातोंरात सुविधाओं के रूप में रखा गया है; असली फर्क संपार्श्विक की जरूरत का है।
  • (C) SDF दर और रिवर्स रेपो दर का फर्क निर्णायक पहचान नहीं है; RBI ने SDF की खासियत बिना संपार्श्विक तरलता अवशोषित करने की क्षमता बताई है।
  • (D) SDF को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और रिवर्स रेपो को बैंकों से अलग-अलग जोड़ना गलत है, क्योंकि दोनों बैंक-संबंधी तरलता सुविधाएं हैं।

अवधारणा

मौद्रिक नीति के परिचालन ढांचे में RBI के तरलता-प्रबंधन साधनों की समझ जरूरी है। RAS में यह इसलिए बार-बार उपयोगी है क्योंकि SDF और रिवर्स रेपो जैसे दिखने वाले साधनों में संपार्श्विक का फर्क नीति-प्रभाव बदल देता है।

स्रोत

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