RAS प्रश्न
ECLGS, जो महामारी-काल की एक प्रमुख ऋण योजना है, का पूरा नाम क्या है?
सही उत्तर: (A) आपातकालीन ऋण सीमा गारंटी योजना।
ECLGS का पूरा नाम आपातकालीन ऋण सीमा गारंटी योजना है, जिसे कोविड-19 से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, व्यवसायों तथा मुद्रा उधारकर्ताओं को गारंटी-समर्थित अतिरिक्त ऋण देने के लिए शुरू किया गया था।
व्याख्या
आपातकालीन ऋण सीमा गारंटी योजना मई 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत लाई गई थी। PIB के अनुसार, यह कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की आर्थिक परेशानी के जवाब में बनाई गई योजना थी। इसके तहत पात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा इच्छुक मुद्रा उधारकर्ताओं को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान था। योजना की असली पहचान 100% गारंटी कवरेज है: भारत सरकार की गारंटी व्यवस्था से सदस्य ऋण संस्थानों को भरोसा मिला कि वे ऐसे उधारकर्ताओं को अतिरिक्त ऋण दे सकें। इसलिए ECLGS में “आपातकालीन ऋण सीमा” और “गारंटी” दोनों शब्द निर्णायक हैं। इसके तहत कुल स्वीकृत ऋण 3.67 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) “आवश्यक ऋण उधार और विकास योजना” में आधिकारिक नाम का “आपातकालीन ऋण सीमा” और “गारंटी” वाला ढांचा नहीं आता, जबकि यही ECLGS की पहचान है।
- (C) “उद्यम ऋण और ऋण विकास सहायता” सामान्य सहायता जैसा नाम है; आधिकारिक नाम आपातकालीन ऋण सीमा गारंटी योजना है।
- (D) “आर्थिक ऋण तरलता सृजन योजना” तरलता की व्यापक धारणा बताता है, पर इस योजना का केंद्र 100% गारंटी के साथ अतिरिक्त ऋण सीमा उपलब्ध कराना था।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में कोविड-19 काल के ऋण-सहायता उपायों और MSME राहत नीतियों की पहचान जरूरी है। RAS में ऐसी योजनाएं बार-बार आती हैं क्योंकि वे सरकारी हस्तक्षेप, रोजगार और आर्थिक पुनरुद्धार से सीधे जुड़ती हैं।
