RAS प्रश्न
कालीबंगन में कौन सा प्रमाण भूकंप का संकेत देता है?
सही उत्तर: (A) पूर्व-हड़प्पा परतों में खिसकी हुई दीवारें और भ्रंश।
कालीबंगन में पूर्व-हड़प्पा परतों की विस्थापित दीवारें और भ्रंशित स्तर भूकंप के संकेत माने जाते हैं।
व्याख्या
कालीबंगन का भूकंप-संबंधी प्रमाण किसी लिखित विवरण पर नहीं, बल्कि उत्खनन की परतों और संरचनाओं पर आधारित है। पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा काल के बीच दीवारें अपने स्थान से खिसकी हुई मिलती हैं और परतों में भ्रंश दिखाई देता है। इसी आधार पर इसे लगभग 2600 ई.पू. के आसपास के शुरुआती दर्ज भूकंपों में गिना जाता है। पुरातत्व में प्राकृतिक आपदा को समझने के लिए दीवारों, स्तरों और बसावट के टूटे क्रम को साथ पढ़ा जाता है, इसलिए यह प्रमाण महत्वपूर्ण है। इसी घटना से सरस्वती या घग्गर नदी के मार्ग में बदलाव हुआ होगा, यह संभावना भी जुड़ी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) भूकंपरोधी भवन-डिजाइन का विशेष प्रमाण यहां नहीं मिलता; सही संकेत टूटे-खिसके अवशेषों और भ्रंशित परतों से जुड़ा है।
- (C) लिखित भूकंप-अभिलेख को आधार नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि सिंधु लिपि अभी पढ़ी नहीं जा सकी है और प्रमाण भौतिक उत्खनन से जुड़े हैं।
- (D) भूकंप देवताओं को अनुष्ठानिक प्रसाद का कोई प्रमाण नहीं मिलता; संकेत दीवारों और धरातलीय परतों की गड़बड़ी से मिलता है।
अवधारणा
राजस्थान के हड़प्पा-स्थल कालीबंगन में पुरातात्विक प्रमाणों की समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रश्नों में स्थान, काल और उत्खनन-आधारित निष्कर्षों को साथ समझना पड़ता है।
