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RAS प्रश्न

वालारा किस जनजाति की कृषि पद्धति है:

सही उत्तर: (A) भील।

वालरा या दजिया दक्षिणी राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में भील जनजाति की स्थानांतरित खेती पद्धति है।

  1. (A)

    भील

  2. (B)

    गरासिया

  3. (C)

    मीणा

  4. (D)

    सहरिया

व्याख्या

वालरा/दजिया का सही संबंध भील जनजाति से है। यह दक्षिणी राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में भील जनजाति की स्थानांतरित खेती, यानी झूम खेती, है। हिन्दवी डिक्शनरी के वालरा अर्थ में भी यह खेती-पद्धति भील लोगों से जुड़ी मिलती है: जहां हल नहीं चलाया जा सकता, वहां वे लकड़ियां काटकर ढेर लगाते हैं, उन्हें जलाते हैं, राख खाद का काम करती है और फिर जमीन खोदकर मक्का आदि अन्न बोया जाता है। इसलिए पहचान का आधार केवल जनजाति का नाम नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में जलाकर खाद बनाने और खोदकर बोने वाली खेती की प्रक्रिया भी है। इन कारणों से वालरा/दजिया भील जनजाति की खेती मानी जाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) गरासिया गलत है, क्योंकि वालरा खेती भील लोगों से जुड़ी है, गरासिया से नहीं।
  • (C) मीणा गलत है, क्योंकि वालरा/दजिया दक्षिणी राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों की भील जनजाति की स्थानांतरित खेती है।
  • (D) सहरिया गलत है, क्योंकि वालरा की प्रक्रिया भील लोगों द्वारा की जाने वाली खेती से जुड़ी है, सहरिया से नहीं।

अवधारणा

राजस्थान की जनजातीय कृषि-पद्धतियों और लोक-सांस्कृतिक शब्दावली में जनजाति, क्षेत्र और परंपरागत आजीविका का सीधा संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसी पहचान इसलिए बार-बार पूछी जाती है क्योंकि जनजातीय जीवन, भौगोलिक क्षेत्र और आजीविका-पद्धति आपस में गहराई से जुड़े होते हैं।

स्रोत

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