RAS प्रश्न
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग किसमें निवेश के लिए शुरू किया गया था?
सही उत्तर: (A) भारतीय ऋण बाजार।
स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के भारत के ऋण बाजारों में निवेश के लिए शुरू किया गया अलग मार्ग है।
व्याख्या
भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के ऋण निवेश से जोड़ती है। अधिसूचना की प्रस्तावना के अनुसार रिजर्व बैंक ने भारत सरकार और SEBI से परामर्श कर यह अलग मार्ग शुरू किया, ताकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारत के ऋण बाजारों में निवेश कर सकें। इसमें भागीदारी स्वैच्छिक है, पर निवेशक को अपनी निवेशित राशि का अपेक्षित न्यूनतम हिस्सा भारत में एक अवधि तक बनाए रखने की प्रतिबद्धता देनी होती है। इस मार्ग में न्यूनतम प्रतिधारण अवधि 3 वर्ष है और इसके बदले ऋण निवेश पर लागू कुछ निवेश-सीमा संबंधी शिथिलता मिलती है। इसलिए सही क्षेत्र भारतीय ऋण बाजार है, न कि अचल संपत्ति, शेयर बाजार या जिंस।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) अचल संपत्ति लक्षित क्षेत्र नहीं है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना इस मार्ग को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के भारत के ऋण बाजारों में निवेश के लिए बताती है।
- (C) भारतीय शेयर बाजार गलत है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग को ऋण निवेश से जोड़ती है, शेयर निवेश से नहीं।
- (D) जिंस गलत है, क्योंकि इस मार्ग की पात्रता और निवेश-ढांचा ऋण साधनों और ऋण बाजारों से संबंधित है।
अवधारणा
यह प्रश्न बाह्य क्षेत्र और वित्तीय बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के विनियमन की समझ जांचता है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि रिजर्व बैंक, पूंजी प्रवाह और ऋण बाजार भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थिर परीक्षा-क्षेत्र हैं।
