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RAS प्रश्न

प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार विजयदान देथा किस साहित्यिक योगदान के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं?

सही उत्तर: (D) बातां री फुलवारी — राजस्थानी लोककथाओं का संग्रह।

विजयदान देथा अपनी 14-खंडीय कृति ‘बातां री फुलवाड़ी’ के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं, जो राजस्थानी लोककथाओं का संग्रह है।

  1. (A)

    पाबूजी रा फड़ — चित्रित पट्ट कथा

  2. (B)

    राजस्थानी शब्द कोश — प्रथम राजस्थानी शब्दकोश

  3. (C)

    डिंगल काव्य संग्रह — शास्त्रीय डिंगल कविता संकलन

  4. (D)

    बातां री फुलवारी — राजस्थानी लोककथाओं का संग्रह

व्याख्या

विजयदान देथा, जिन्हें ‘बिज्जी’ भी कहा जाता है, आधुनिक राजस्थानी साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में गिने जाते हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध साहित्यिक पहचान ‘बातां री फुलवाड़ी’ से जुड़ी है। यह राजस्थानी लोककथाओं का 14-खंडीय संग्रह है, जिसमें देथा ने लोककथाओं को संकलित कर साहित्यिक राजस्थानी रूप में प्रस्तुत किया। Hindustan Times के स्रोत में भी ‘Garden of Tales’ को विजयदान देथा की 14-खंडीय लोककथा-संकलन पर आधारित बताया गया है। इसलिए यह विकल्प सीधे लेखक, विधा और कृति को जोड़ता है, जबकि बाकी विकल्प या तो अलग परंपरा से जुड़े हैं या दूसरे लेखकों/काल-रूपों से।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) पाबूजी रा फड़ चित्रित पट्ट और वाचिक कथा की पारंपरिक शैली है; यह विजयदान देथा की लिखी हुई साहित्यिक कृति नहीं है।
  • (B) राजस्थानी शब्द कोश का संबंध सीताराम लालस के शब्दकोश-कार्य से है, इसलिए इसे देथा की प्रमुख लोककथा-कृति नहीं माना जा सकता।
  • (C) डिंगल काव्य संग्रह शास्त्रीय डिंगल कविता-संकलन की दिशा बताता है, जबकि देथा की पहचान आधुनिक राजस्थानी गद्य और लोककथा-पुनर्कथन से जुड़ी है।

अवधारणा

राजस्थान की आधुनिक साहित्यिक परंपरा और लोकसाहित्य के संरक्षण में विजयदान देथा का योगदान खास महत्व रखता है। RAS में ऐसी कृतियां बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि लेखक, विधा और सांस्कृतिक योगदान को साथ पहचानना पड़ता है।

स्रोत

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