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RAS प्रश्न

वीर दुर्गादास राठौड़ ने औरंगजेब से बचाकर मारवाड़ के किस शिशु राजकुमार की रक्षा की थी?

सही उत्तर: (D) अजीत सिंह।

महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद औरंगजेब ने मारवाड़ के उत्तराधिकार को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की, और वीर दुर्गादास राठौड़ ने शिशु उत्तराधिकारी अजीत सिंह को इस कोशिश से बचाया।

  1. (A)

    मान सिंह

  2. (B)

    बख्त सिंह

  3. (C)

    जसवंत सिंह

  4. (D)

    अजीत सिंह

व्याख्या

महाराजा जसवंत सिंह की 1678 में मृत्यु के बाद मारवाड़ की गद्दी खाली हो गई और औरंगजेब ने राज्य पर दबाव बढ़ा दिया। जसवंत सिंह की विधवा रानियों ने दो शिशु पुत्रों को जन्म दिया; एक की मृत्यु हो गई, इसलिए अजीत सिंह ही जीवित शिशु उत्तराधिकारी बचे। राठौड़ मंत्रियों ने औरंगजेब से अजीत सिंह के उत्तराधिकार को मान्यता देने का अनुरोध किया, लेकिन उसने परिवार को शाही पहरे में रखा और ऐसी शर्तें रखीं जिनसे अजीत सिंह की स्वतंत्रता और धर्म पर खतरा था। राठौड़ों ने इसे मारवाड़ की स्वतंत्रता और राज्य के प्रति निष्ठा का प्रश्न माना। दुर्गादास और उनके साथियों ने अजीत सिंह और उनकी माता को दिल्ली से निकालने की योजना बनाई और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए शाही पहरेदारों पर हमला किया। इसके बाद दुर्गादास ने औरंगजेब के विरुद्ध लंबे छापामार संघर्ष के दौरान अजीत सिंह की रक्षा की और अंततः उन्हें मारवाड़ की गद्दी पर फिर बैठाया।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) मान सिंह कछवाहा शासक थे। वे जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद मारवाड़ की गद्दी के शिशु राठौड़ उत्तराधिकारी नहीं थे और न ही वे वह राजकुमार थे जिन्हें दुर्गादास ने औरंगजेब से बचाया।
  • (B) बख्त सिंह मारवाड़ की बाद की पीढ़ी से जुड़े थे। वे वह शिशु राजकुमार नहीं थे जिन्हें दुर्गादास ने जसवंत सिंह की मृत्यु के कुछ समय बाद औरंगजेब की हिरासत से बचाया था।
  • (C) जसवंत सिंह मारवाड़ के दिवंगत महाराजा और अजीत सिंह के पिता थे। उनकी मृत्यु से उत्तराधिकार का संकट पैदा हुआ था; वे वह शिशु राजकुमार नहीं थे जिनकी दुर्गादास ने रक्षा की।

अवधारणा

इस प्रश्न में औरंगजेब के विरुद्ध मारवाड़ के प्रतिरोध और उत्तराधिकार के संकट के दौरान क्षेत्रीय स्वाधीनता बचाने में राठौड़ सरदारों की भूमिका की समझ परखी जाती है। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि राजस्थान के इतिहास में प्रमुख योद्धाओं से जुड़े सवालों के लिए मुगल नीति, निष्ठा, उत्तराधिकार के विवाद और क्षेत्रीय राज्यों के निर्माण को भी समझना पड़ता है।

स्रोत

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