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RAS प्रश्न

वी.पी. मेनन ने राजस्थान की रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे किस पद पर कार्यरत थे?

सही उत्तर: (A) राज्य मंत्रालय के सचिव।

वी.पी. मेनन सरदार पटेल के अधीन राज्य मंत्रालय के सचिव थे और इसी पद से उन्होंने रियासतों के विलय की वार्ताओं में भूमिका निभाई।

  1. (A)

    राज्य मंत्रालय के सचिव

  2. (B)

    वायसराय के राजनीतिक सलाहकार

  3. (C)

    अजमेर-मेरवाड़ा के मुख्य आयुक्त

  4. (D)

    राजस्थान के राज्यपाल

व्याख्या

सही पहचान राज्य मंत्रालय के सचिव की है। 25 जून 1947 को सरदार पटेल के अधीन राज्य विभाग बना और वी.पी. मेनन को उसका सचिव नियुक्त किया गया। यही पद रियासतों के विलय से सीधे जुड़ा था, क्योंकि सरदार पटेल और वी.पी. मेनन की जोड़ी ने बातचीत, समझाइश और कूटनीति से अलग-अलग रियासतों को भारत संघ में लाने का काम आगे बढ़ाया। राजस्थान बनाने वाली रियासतों के विलय के संदर्भ में मेनन की भूमिका किसी प्रांतीय या औपचारिक संवैधानिक पद की नहीं, बल्कि राज्य मंत्रालय में सचिव के रूप में समझनी चाहिए। उन्होंने रियासतों के एकीकरण पर द स्टोरी ऑफ द इंटीग्रेशन ऑफ द इंडियन स्टेट्स भी लिखी।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) वायसराय के राजनीतिक सलाहकार वाला पद सही नहीं है, क्योंकि मेनन सरदार पटेल के अधीन बने राज्य विभाग के सचिव थे।
  • (C) अजमेर-मेरवाड़ा के मुख्य आयुक्त का पद राजस्थान क्षेत्र के प्रशासन से जुड़ा विकल्प लगता है, पर मेनन की विलय-भूमिका राज्य मंत्रालय के सचिव के रूप में थी।
  • (D) राजस्थान के राज्यपाल का पद इस विलय-वार्ता वाली भूमिका से मेल नहीं खाता, क्योंकि मेनन राज्य मंत्रालय के सचिव थे।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान के एकीकरण और स्वतंत्रता के बाद रियासतों के भारत संघ में विलय की प्रशासनिक प्रक्रिया को जांचता है। RAS में यह तथ्य बार-बार आता है, क्योंकि राजस्थान का गठन अलग-अलग रियासतों के चरणबद्ध विलय से जुड़ा मूल इतिहास-विषय है।

स्रोत

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