RAS प्रश्न
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत संसद किसी राज्य का नाम बदल सकती है, जैसा कि केरल का नाम केरलम करने के मामले में लागू हुआ है?
सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 3।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य का नाम बदलने की शक्ति देता है, और ऐसे प्रस्ताव पर संबंधित राज्य विधानमंडल की राय लेने की प्रक्रिया भी जोड़ता है।
व्याख्या
सही आधार अनुच्छेद 3 है, क्योंकि उसके शीर्षक और पाठ में मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में बदलाव की बात साफ लिखी है। इसी अनुच्छेद के खंड (e) में संसद को कानून द्वारा किसी राज्य का नाम बदलने की शक्ति दी गई है। लेकिन यह शक्ति सीधे मनमाने ढंग से नहीं चलती: ऐसे विधेयक को संसद के किसी भी सदन में राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जा सकता। यदि प्रस्ताव किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम को प्रभावित करता है, तो राष्ट्रपति उस विधेयक को उस राज्य की विधानमंडल को अपनी राय व्यक्त करने के लिए भेजता है और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आगे प्रक्रिया चलती है। इसलिए केरल से केरलम नाम-परिवर्तन जैसे मामले का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 3 है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 1 संघ के नाम और क्षेत्र से जुड़ा है; इसमें संसद को किसी राज्य का नाम बदलने की अलग शक्ति नहीं दी गई है।
- (B) अनुच्छेद 2 नए राज्यों को संघ में शामिल करने या स्थापित करने से संबंधित है, मौजूदा राज्य का नाम बदलने से नहीं।
- (D) अनुच्छेद 4 अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बने कानूनों में अनुसूचियों और पूरक प्रावधानों की व्यवस्था बताता है; नाम बदलने की मूल शक्ति अनुच्छेद 3 में है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय संघ की क्षेत्रीय संरचना और संसद की संवैधानिक शक्तियों की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि राज्य-नाम, सीमा और क्षेत्र से जुड़े प्रावधान समसामयिक घटनाओं से सीधे जुड़ जाते हैं।
