RAS प्रश्न
नियम 7 में संशोधन के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र की भूमि के संबंध में कौन-सी छूट दी गई है?
सही उत्तर: (B) सरकारी पट्टे वाली भूमि के लिए भार-मुक्त शर्त में छूट।
नियम 7 में संशोधन के बाद स्वीकृति बोर्ड विशेष आर्थिक क्षेत्र की उस भूमि पर भार-मुक्त होने की शर्त में छूट दे सकता है, जो केंद्र या राज्य सरकार अथवा उनकी अधिकृत एजेंसियों के पास गिरवी या पट्टे पर हो।
व्याख्या
नियम 7 और भूमि-शर्त इस संशोधन के मुख्य बिंदु हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति के अनुसार, विशेष आर्थिक क्षेत्र नियम, 2006 के नियम 7 में संशोधन से स्वीकृति बोर्ड को विशेष आर्थिक क्षेत्र की भूमि के भार-मुक्त होने की शर्त में छूट देने का अधिकार मिला। यह छूट हर तरह की भूमि के लिए नहीं है; यह स्थिति तब लागू होती है जब भूमि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या उनकी अधिकृत एजेंसियों के पास गिरवी या पट्टे पर हो। इसलिए सरकारी पट्टे या सरकारी संस्थाओं से जुड़े गिरवी मामलों में भार-मुक्त शर्त ढीली की गई है, भूमि से जुड़ी सभी शर्तें नहीं हटाई गई हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नियम 7 के संशोधन में पर्यावरण मंजूरी हटाने की बात नहीं है; इसमें केवल भूमि के भार-मुक्त होने की शर्त में छूट है।
- (C) सभी विशेष आर्थिक क्षेत्र इकाइयों को मुफ्त भूमि आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है; बात केवल खास स्थितियों में भार-मुक्त शर्त ढीली करने की है।
- (D) भूमि खरीद पर कर हटाने का उल्लेख नियम 7 के इस संशोधन में नहीं है; इसमें कर नहीं, भूमि की भार-मुक्त स्थिति पर छूट दी गई है।
अवधारणा
विशेष आर्थिक क्षेत्र नियमों में भूमि-शर्तों और स्वीकृति बोर्ड की भूमिका औद्योगिक नीति, निवेश सुविधा और नियामकीय ढांचे से सीधे जुड़ती है। RAS में ऐसे संशोधन इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि वे नीति और विनियमन के व्यावहारिक असर को परखते हैं।
