RAS प्रश्न
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के अंतर्गत बाह्य वाणिज्यिक उधारी का उपयोग किस उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता?
सही उत्तर: (B) रियल एस्टेट में सट्टेबाजी।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत बाह्य वाणिज्यिक उधारी की राशि का उपयोग रियल एस्टेट गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
व्याख्या
आरबीआई के मास्टर डायरेक्शन में बाह्य वाणिज्यिक उधारी के लिए “नकारात्मक सूची” दी गई है। इस सूची का मतलब है कि उधारी से मिली राशि इन उद्देश्यों में नहीं लगाई जा सकती। सूची में रियल एस्टेट गतिविधियां साफ तौर पर शामिल हैं; साथ ही पूंजी बाजार में निवेश, इक्विटी निवेश, कुछ अपवादों को छोड़कर कार्यशील पूंजी, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य, रुपये के ऋणों की अदायगी और ऐसी गतिविधियों के लिए आगे ऋण देना भी रोका गया है। इसलिए दिए गए विकल्पों में रियल एस्टेट सट्टेबाजी ही वह उद्देश्य है जो निषिद्ध श्रेणी से मेल खाता है, जबकि बाकी विकल्प इस नकारात्मक सूची के नामित निषेध नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) बुनियादी ढांचा विकास को आरबीआई की नकारात्मक सूची में निषिद्ध उपयोग के रूप में नहीं रखा गया है, इसलिए यह B की तरह प्रतिबंधित मद नहीं है।
- (C) परियोजना वित्तपोषण नकारात्मक सूची में नाम से शामिल नहीं है; सूची जिस स्पष्ट रोक को बताती है, वह रियल एस्टेट गतिविधियों जैसी मदों पर है।
- (D) पूंजीगत व्यय स्वयं नकारात्मक सूची की निषिद्ध मद नहीं है; सूची पूंजी बाजार निवेश, इक्विटी निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों जैसे उपयोगों को रोकती है।
अवधारणा
यह प्रश्न बाहरी उधारी और विदेशी मुद्रा प्रबंधन के तहत पूंजी प्रवाह के नियमन की समझ जांचता है। आरएएस में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि अर्थव्यवस्था में विदेशी पूंजी, ऋण और नियामक प्रतिबंध सीधे चालू आर्थिक नीति से जुड़े रहते हैं।
