RAS प्रश्न
अनुच्छेद 25 के तहत, अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को स्वतंत्र रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार किसके अधीन है?
सही उत्तर: (A) लोक व्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य और भाग III के अन्य उपबंध।
अनुच्छेद 25 में अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को स्वतंत्र रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार लोक व्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य और भाग III के अन्य उपबंधों के अधीन है।
व्याख्या
अनुच्छेद 25(1) अधिकार देता है कि सभी व्यक्ति अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को स्वतंत्र रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने के समान रूप से हकदार हैं, लेकिन यह अधिकार पूर्ण नहीं है। संविधान के पाठ में इसे साफ तौर पर लोक व्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य और इसी भाग यानी भाग III के अन्य उपबंधों के अधीन रखा गया है। इसलिए विकल्प A सही है, क्योंकि वह सभी संवैधानिक सीमाओं को साथ रखता है। इसी अनुच्छेद 25(2) में यह भी स्पष्ट है कि धार्मिक आचरण से जुड़ी आर्थिक, वित्तीय, राजनीतिक या अन्य लौकिक गतिविधियों को राज्य कानून बनाकर विनियमित या सीमित कर सकता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) विकल्प B अधूरा है, क्योंकि वह लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य तो बताता है, लेकिन अनुच्छेद 25(1) में लिखे भाग III के अन्य उपबंधों को छोड़ देता है।
- (C) विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 25(1) में इस अधिकार की सीमा के रूप में केवल भारत की संप्रभुता और अखंडता नहीं, बल्कि लोक व्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य और भाग III के अन्य उपबंध दिए गए हैं।
- (D) विकल्प D संविधान के पाठ के उलट है, क्योंकि अनुच्छेद 25(1) इस धार्मिक स्वतंत्रता को स्पष्ट सीमाओं के अधीन रखता है और अनुच्छेद 25(2) राज्य को कुछ लौकिक गतिविधियों पर कानून बनाने की जगह देता है।
अवधारणा
यह प्रश्न मौलिक अधिकारों में धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा को जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है, क्योंकि अनुच्छेद 25 को पूर्ण अधिकार मान लेने की गलती सामान्य है।
