RAS प्रश्न
अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति अध्यादेश कब जारी कर सकते हैं?
सही उत्तर: (A) जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों।
अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति अध्यादेश तभी जारी कर सकते हैं जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों या कम से कम दोनों सदन एक साथ सत्र में न हों।
व्याख्या
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 123 में राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति को संसद के अवकाश से जोड़ा गया है। आधिकारिक पाठ कहता है कि जब दोनों सदन सत्र में हों, उस समय को छोड़कर, यदि राष्ट्रपति को लगे कि तत्काल कार्रवाई जरूरी है, तो वे आवश्यक अध्यादेश जारी कर सकते हैं। इसलिए मूल शर्त यह है कि संसद के दोनों सदन एक साथ सत्र में न हों। ऐसा अध्यादेश संसद के अधिनियम जैसा प्रभाव रखता है, लेकिन यह स्थायी कानून नहीं बन जाता। उसे संसद के दोनों सदनों के सामने रखा जाना होता है और संसद के पुनः सत्र में आने के 6 सप्ताह पूरे होने पर वह प्रभावी रहना बंद कर देता है, जब तक कि उससे पहले संसदीय प्रक्रिया से उसका अनुमोदन न हो जाए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) जब संसद के दोनों सदन सत्र में हों, अनुच्छेद 123 खुद उस स्थिति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति से बाहर रखता है।
- (C) अनुच्छेद 123 अध्यादेश शक्ति को राष्ट्रीय आपातकाल तक सीमित नहीं करता; इसका आधार संसद के दोनों सदनों का सत्र में न होना और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।
- (D) अनुच्छेद 123 में अध्यादेश जारी करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व स्वीकृति की शर्त नहीं दी गई है; अध्यादेश राष्ट्रपति द्वारा जारी होता है और बाद में संसद के सामने रखा जाता है।
अवधारणा
यह प्रश्न संविधान में कार्यपालिका की विधायी शक्ति और संसद के अवकाश में कानूनन व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया को परखता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि अध्यादेश, संसद की भूमिका और संवैधानिक सीमाओं का सीधा संबंध शासन-व्यवस्था से है।
