RAS प्रश्न
टोडरमल अकबर के किस राजस्व सुधार से जुड़े हैं?
सही उत्तर: (D) ज़ब्त और दहसाला प्रणाली।
अकबर के समय राजा टोडरमल ज़ब्त और दहसाला राजस्व व्यवस्था से जुड़े थे, जिसमें भूमि-माप और पिछले 10 वर्षों के औसत उत्पादन-कीमतों के आधार पर लगान तय किया गया।
व्याख्या
राजा टोडरमल का नाम अकबर की ज़ब्त और दहसाला व्यवस्था से इसलिए जुड़ता है क्योंकि यह सामान्य अनुमान नहीं, बल्कि माप और औसत पर आधारित राजस्व बंदोबस्त था। 1580 में करोरियों से मिली वास्तविक उपज, स्थानीय कीमतों और उत्पादकता की सूचना के आधार पर दहसाला लागू किया गया। इसमें अलग-अलग फसलों की औसत उपज और पिछले 10 वर्षों की औसत कीमतें निकाली गईं। राज्य का हिस्सा औसत उपज का एक-तिहाई माना गया और उसे नकद मांग में बदला गया। आगे समान उत्पादकता वाले परगनों को अलग आकलन-वृत्तों में रखा गया। ज़ब्त में खेत का माप जरूरी था; इसी विकसित व्यवस्था को टोडरमल का बंदोबस्त भी कहा गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नसक में किसान से देय राशि का मोटा हिसाब उसके पिछले भुगतान के आधार पर लगाया जाता था, इसलिए यह टोडरमल से जुड़ी मुख्य माप-आधारित व्यवस्था नहीं थी।
- (B) कनकूत में खेत की माप और फसल की उत्पादकता का अनुमान लगाकर मांग तय होती थी, पर टोडरमल की प्रमुख पहचान ज़ब्त-दहसाला बंदोबस्त से है।
- (C) इजारा में राजस्व की वसूली ठेके या नीलामी जैसी व्यवस्था से जुड़ती है, जबकि यहां पूछा गया सुधार अकबर के अधीन माप और 10-वर्षीय औसत पर आधारित था।
अवधारणा
यह प्रश्न मुगल प्रशासन में भूमि-राजस्व आकलन की पद्धतियों का परीक्षण करता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि अकबर का राजस्व बंदोबस्त मध्यकालीन भारतीय प्रशासन की केंद्रीय संस्था माना जाता है।
