RAS प्रश्न
राजस्थान में तिलवाड़ा मध्यपाषाण स्थल किस नदी पर है?
सही उत्तर: (A) लूनी।
राजस्थान के बाड़मेर जिले का तिलवाड़ा मध्यपाषाण स्थल लूनी नदी के किनारे स्थित है।
व्याख्या
तिलवाड़ा को पहचानने की कुंजी उसका नदी-स्थान है। राजस्थान के मध्यपाषाण परिदृश्य में तिलवाड़ा और बागोर दोनों प्रमुख स्थल हैं। तिलवाड़ा के उत्खनन से बहुत बारीक ज्यामितीय सूक्ष्मपाषाणों और कच्चे मृद्भांडों के साक्ष्य मिलते हैं। यह स्थल लूनी नदी के किनारे स्थित है। इसलिए विकल्प A लूनी सही है। तिलवाड़ा बाड़मेर जिले का मध्यपाषाण स्थल है। बागोर जैसे स्थलों से सूक्ष्मपाषाण उपकरणों और पशु पालतू बनाने के साक्ष्य मिलते हैं; इसलिए तिलवाड़ा का महत्व केवल भौगोलिक पहचान तक सीमित नहीं, बल्कि राजस्थान के प्रारंभिक मानव-जीवन और उपकरण-परंपरा से भी जुड़ा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) माही सही विकल्प नहीं है, क्योंकि तिलवाड़ा लूनी नदी के किनारे स्थित है, माही के किनारे नहीं।
- (C) बनास गलत है, क्योंकि तिलवाड़ा का स्थान बाड़मेर जिले में लूनी नदी से जोड़ा गया है, बनास से नहीं।
- (D) चंबल गलत है, क्योंकि मध्यपाषाण स्थल तिलवाड़ा लूनी नदी के तट पर है।
अवधारणा
राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थलों में मध्यपाषाण संस्कृति और नदी-आधारित स्थल-पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि स्थल, जिला, नदी और सांस्कृतिक साक्ष्य को साथ जोड़कर पूछा जाता है।
