RAS प्रश्न
तिलक के समाचारपत्र केसरी (मराठी) और मह्रत्ता (अंग्रेज़ी) कहाँ से प्रकाशित होते थे?
सही उत्तर: (B) पुणे।
बाल गंगाधर तिलक के समाचारपत्र केसरी का प्रकाशन मराठी में और महरट्टा का प्रकाशन अंग्रेज़ी में पुणे से होता था।
व्याख्या
बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में मराठी समाचारपत्र केसरी शुरू किया और अंग्रेज़ी समाचारपत्र महरट्टा भी चलाया। दोनों समाचारपत्र पुणे से जुड़े थे। लोकमान्य तिलक संग्रहालय पुणे के नारायण पेठ स्थित केसरी वाड़ा में है। म्यूज़ियम्स ऑफ इंडिया की जानकारी बताती है कि तिलक ने केसरी का काम शुरू करने के लिए यह वाड़ा खरीदा था, जिसके बाद यह केसरी वाड़ा कहलाने लगा। केसरी एक महत्वपूर्ण राष्ट्रवादी समाचारपत्र बना और इसमें छपे लेखों के कारण तिलक पर 1897 और 1908 में राजद्रोह के मुकदमे चले। पुणे से निकलने वाले इन समाचारपत्रों के ज़रिए तिलक ने राष्ट्रवादी विचार फैलाए और जनमत बनाने में योगदान दिया।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) बॉम्बे सही नहीं है, क्योंकि तिलक के केसरी और महरट्टा पुणे से प्रकाशित होते थे।
- (C) कलकत्ता राष्ट्रवादी राजनीति का एक प्रमुख केंद्र था, लेकिन तिलक के केसरी और महरट्टा का प्रकाशन पुणे से होता था, कलकत्ता से नहीं।
- (D) नागपुर सही नहीं है, क्योंकि तिलक के केसरी और महरट्टा का प्रकाशन पुणे से होता था, नागपुर से नहीं।
अवधारणा
RAS के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास में राष्ट्रवादी प्रेस और राजनीतिक लामबंदी महत्वपूर्ण विषय हैं। तिलक के समाचारपत्र दिखाते हैं कि छपे हुए शब्दों ने औपनिवेशिक शासन के विरोध में विचार फैलाने और जनमत बनाने में कैसी भूमिका निभाई। RAS में प्रेस, तिलक की राजनीतिक भूमिका और उनके राजद्रोह मुकदमों के बीच संबंध पर अक्सर सवाल पूछे जाते हैं।
