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RAS प्रश्न

अल्लामा इक़बाल ने मुस्लिम लीग के 1930 के सत्र में अपने अध्यक्षीय भाषण में क्या प्रस्ताव रखा था?

सही उत्तर: (D) उत्तर-पश्चिम भारत में एक समेकित मुस्लिम राज्य।

अल्लामा इक़बाल ने मुस्लिम लीग के 1930 के इलाहाबाद सत्र में उत्तर-पश्चिम भारत में एक समेकित मुस्लिम राज्य का विचार रखा था।

  1. (A)

    तुरंत दो अलग-अलग राष्ट्र

  2. (B)

    पृथक निर्वाचक मंडलों का उन्मूलन

  3. (C)

    भारत में पूर्ण एकीकरण

  4. (D)

    उत्तर-पश्चिम भारत में एक समेकित मुस्लिम राज्य

व्याख्या

1930 के इलाहाबाद सत्र में अल्लामा इक़बाल का अध्यक्षीय भाषण मुस्लिम लीग की राजनीति में एक अहम मोड़ था। उन्होंने उत्तर-पश्चिम भारत के मुसलमानों के लिए एक समेकित मुस्लिम राज्य की कल्पना रखी। Britannica इसी भाषण को उस प्रसिद्ध कथन से जोड़ता है जिसमें उत्तर-पश्चिम भारत के मुसलमानों के लिए अलग राज्य का दर्जा मांगने की बात आई। लेकिन इसे तुरंत दो अलग राष्ट्रों की घोषणा समझना गलत होगा, क्योंकि इक़बाल ने इसे बड़े भारतीय संघ के भीतर सोचा था, अलग देश के रूप में नहीं। इसी कारण यह विचार बाद में पाकिस्तान की वैचारिक नींव से जुड़ा, पर 1930 में केंद्र उत्तर-पश्चिम भारत में समेकित मुस्लिम राज्य था।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) इक़बाल ने 1930 में तुरंत दो अलग राष्ट्रों की घोषणा नहीं की; उनका विचार बड़े भारतीय संघ के भीतर था।
  • (B) 1930 के इलाहाबाद भाषण का केंद्र पृथक निर्वाचक का उन्मूलन नहीं, बल्कि मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी उत्तर-पश्चिम भारत की समेकित राज्य-कल्पना थी।
  • (C) इक़बाल ने भारत में पूर्ण एकीकरण की बात नहीं रखी; उनका जोर उत्तर-पश्चिम भारत के मुसलमानों के लिए अलग राजनीतिक दर्जे पर था।

अवधारणा

आधुनिक भारतीय इतिहास में सांप्रदायिक राजनीति, मुस्लिम लीग और पाकिस्तान की वैचारिक पृष्ठभूमि के लिए 1930 का इलाहाबाद भाषण महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि 1930 का इलाहाबाद भाषण अलग राष्ट्रवाद की क्रमिक विकास-रेखा समझने के लिए केंद्रीय घटना है।

स्रोत

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