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RAS प्रश्न

ज़ब्ती/ज़ब्त प्रणाली में राजस्व संग्रह के लिए भूमि की माप किस मानक माप-छड़ से की जाती थी?

सही उत्तर: (A) जरीब-ए-इलाही (लोहे के छल्लों से जुड़ी बाँस की छड़)।

ज़ब्ती/ज़ब्त प्रणाली में भूमि की माप जरीब-ए-इलाही, यानी लोहे के छल्लों से जुड़ी बाँस की मानक माप-छड़, से की जाती थी।

  1. (A)

    जरीब-ए-इलाही (लोहे के छल्लों से जुड़ी बाँस की छड़)

  2. (B)

    रस्सी माप (तनब)

  3. (C)

    गज-ए-सिकंदरी

  4. (D)

    बीघा मानक

व्याख्या

ज़ब्त प्रणाली में राजस्व आकलन का आधार मापी हुई भूमि थी, इसलिए माप का मानक होना जरूरी था। पुराने रस्सी-आधारित तनब में सिकुड़ने-फैलने की समस्या थी, इसलिए अकबर ने जरीब-ए-इलाही का प्रयोग कराया। यह लोहे के छल्लों से जुड़ी बाँस की छड़ थी, जिससे लंबाई पूरे साल लगभग स्थिर रहती थी और प्रति बीघा उपज तथा राज्य-हिस्से की गणना अधिक सटीक हो सकती थी। अकबर और टोडरमल ने पुराने माप हटाकर नई माप-व्यवस्था बनाई, इलाही गज को राजकीय इकाई माना और बाँस के टुकड़ों को लोहे के छल्लों से जोड़कर तनब तैयार कराया। इसी कारण विकल्प A सही है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) रस्सी माप यानी तनब पहले इस्तेमाल होता था, पर उसकी लंबाई बदल सकती थी; अकबर ने इसी कमी को दूर करने के लिए बाँस और लोहे के छल्लों वाली मानक छड़ अपनाई।
  • (C) गज-ए-सिकंदरी शेरशाह की माप-व्यवस्था से जुड़ा था; ज़ब्त प्रणाली में अकबर ने इलाही गज और उससे जुड़ी नई मानकीकृत माप-व्यवस्था लागू की।
  • (D) बीघा भूमि-क्षेत्र की इकाई था, माप लेने का औजार नहीं; ज़ब्त प्रणाली में मानक माप-छड़ जरीब-ए-इलाही थी, इसलिए बीघा सही उत्तर नहीं हो सकता।

अवधारणा

मुगल भूमि-राजस्व व्यवस्था में ज़ब्त/दहसाला और भूमि-मापन की तकनीक प्रशासनिक इतिहास का अहम हिस्सा है। RAS में राजस्व सुधार प्रशासन, कृषि अर्थव्यवस्था और अकबर-टोडरमल की नीतियों को जोड़ते हैं।

स्रोत

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