RAS प्रश्न
प्रस्तावना में 'व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने वाली बंधुता' शब्द किस पर बल देते हैं:
सही उत्तर: (D) सभी नागरिकों में भ्रातृत्व की भावना और व्यक्तिगत गरिमा का सम्मान।
प्रस्तावना में व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने वाली बंधुता सभी नागरिकों में भाईचारे की भावना और व्यक्ति की गरिमा के सम्मान पर बल देती है।
व्याख्या
प्रस्तावना बंधुता को केवल भावनात्मक एकता नहीं मानती; वह व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता व अखंडता को सुनिश्चित करने वाला संवैधानिक मूल्य है। इसलिए सही बात यह है कि नागरिकों के बीच भाईचारे की भावना हो और हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान हो। व्यक्ति की गरिमा अनुच्छेद 21 से जुड़ती है, जिसमें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण की बात है। इसी दिशा में मौलिक कर्तव्य नागरिकों से धार्मिक, भाषायी, क्षेत्रीय या वर्गीय भेदों से ऊपर उठकर सद्भाव और समान भाईचारे की भावना बढ़ाने को कहते हैं। इसलिए यह विकल्प केवल आर्थिक, राजनीतिक या धार्मिक सीमा में बंद नहीं है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल आर्थिक समानता कहना बहुत संकीर्ण है, क्योंकि प्रस्तावना का यह पद व्यक्ति की गरिमा और नागरिकों के बीच बंधुता को साथ रखता है।
- (B) केवल राजनीतिक अधिकार सही नहीं है, क्योंकि यहां जोर अधिकारों की सूची भर पर नहीं, बल्कि गरिमा और भाईचारे जैसे संवैधानिक मूल्यों पर है।
- (C) केवल धार्मिक सद्भाव अधूरा है, क्योंकि मौलिक कर्तव्य धार्मिक के साथ भाषायी, क्षेत्रीय और वर्गीय भेदों से ऊपर उठकर समान भाईचारे की बात करता है।
अवधारणा
यह प्रश्न प्रस्तावना, अनुच्छेद 21 और मौलिक कर्तव्यों के आपसी संबंध को जांचता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि प्रस्तावना के मूल्य शासन, नागरिक आचरण और मूल अधिकारों की व्याख्या से सीधे जुड़े हैं।
