RAS प्रश्न
दिलवाड़ा, माउंट आबू का विमल वसही मंदिर किस जैन तीर्थंकर को समर्पित है?
सही उत्तर: (C) ऋषभनाथ (आदिनाथ)।
दिलवाड़ा, माउंट आबू का विमल वसही मंदिर प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ, जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है, को समर्पित है।
व्याख्या
विमल वसही मंदिर की पहचान उसके मूल देवता से तय होती है, इसलिए यहां सही उत्तर ऋषभनाथ (आदिनाथ) है। यह मंदिर 1031 में श्री विमल शाह सेठ ने बनवाया था। इसकी स्थापना भगवान आदिनाथ की बड़ी प्रतिमा स्थापित करने से जुड़ी है, और मुख्य मूर्ति भगवान ऋषभदेव की है। इसी कारण नेमिनाथ, पार्श्वनाथ और महावीर अन्य प्रतिमाओं या अलग मंदिरों से जुड़े हैं, मुख्य समर्पण से नहीं। मंदिर की कला-पहचान सफेद संगमरमर और उत्कृष्ट पत्थर-नक्काशी से जुड़ी है, इसलिए आरएएस में इसे राजस्थान की जैन मंदिर स्थापत्य परंपरा के साथ पूछा जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नेमिनाथ की प्रतिमा परिसर में है, लेकिन मुख्य मूर्ति भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की है।
- (B) पार्श्वनाथ अन्य पूजित प्रतिमाओं से जुड़े हैं, पर विमल वसही मंदिर का मुख्य देव ऋषभनाथ (आदिनाथ) है।
- (D) महावीर की प्रतिमा परिसर की अन्य प्रतिमाओं में आती है, जबकि मंदिर की स्थापना और मुख्य मूर्ति आदिनाथ से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थान के जैन मंदिर स्थापत्य में तीर्थंकर-समर्पण की तथ्यात्मक पहचान महत्वपूर्ण है। आरएएस में दिलवाड़ा जैसे स्थलों पर निर्माता, काल, मुख्य देव और कला-विशेषता को साथ जोड़कर पूछा जाता है।
