RAS प्रश्न
उत्तरमेरूर शिलालेख किसकी चुनाव प्रक्रिया का वर्णन करता है?
सही उत्तर: (A) चोल काल की ग्राम सभा।
उत्तरमेरूर शिलालेख चोल काल की ग्राम सभा की चुनाव प्रक्रिया का वर्णन करता है।
व्याख्या
उत्तरमेरूर शिलालेख का महत्व इसलिए है कि यह किसी सामान्य राजकीय आदेश की तरह नहीं, बल्कि स्थानीय ग्राम प्रशासन की चुनाव व्यवस्था को साफ-साफ दर्ज करता है। उत्तरमेरूर तमिलनाडु में चोल कालीन स्थानीय प्रशासन से जुड़ा स्थान था, और परांतक चोल के समय के अभिलेखों में सभा के सदस्यों को चुनने की प्रक्रिया लिखी गई है। इस व्यवस्था में उम्मीदवारों की योग्यता, भूमि और मकान जैसी संपत्ति, आयु-सीमा, शिक्षा, अपात्रता और समितियों की रचना तक शामिल थी। कुडवोलै यानी मटका-पर्ची प्रणाली के जरिए नाम चुने जाते थे और चुने गए सदस्य अलग-अलग ग्राम समितियों में काम करते थे। इसलिए सही उत्तर चोल काल की ग्राम सभा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) पांड्य व्यापार श्रेणी गलत है, क्योंकि उत्तरमेरूर अभिलेख व्यापारिक श्रेणी से नहीं, स्थानीय ग्राम सभा और उसकी चुनाव प्रणाली से जुड़ा है।
- (C) पल्लव सेना गलत है, क्योंकि उत्तरमेरूर में सेना की भर्ती या सैन्य व्यवस्था नहीं, सभा, सदस्य-योग्यता और ग्राम समितियों की प्रक्रिया प्रमुख है।
- (D) बौद्ध संघ गलत है, क्योंकि उत्तरमेरूर शिलालेख बौद्ध संघ के नियमों से नहीं, चोल कालीन ग्राम सभा के सदस्यों के चयन से जुड़ा है।
अवधारणा
प्राचीन और मध्यकालीन भारत में स्थानीय स्वशासन तथा चोल प्रशासन की समझ के लिए उत्तरमेरूर शिलालेख महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे अभिलेख इसलिए बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे प्रशासनिक संस्थाओं को सीधे स्रोत-साक्ष्य से जोड़ते हैं।
