RAS प्रश्न
बयाना दुर्ग (भरतपुर) में 'ऊषा विष्णुवर्धन' विजय स्तम्भ किस काल से संबंधित है?
सही उत्तर: (A) गुप्त काल।
भरतपुर के बयाना दुर्ग में स्थित ऊषा विष्णुवर्धन विजय स्तम्भ, जिसे भीम लाठ भी कहा जाता है, गुप्त काल का है और इसे 5वीं शताब्दी ई. का माना जाता है।
व्याख्या
बयाना दुर्ग के विजय स्तम्भ को भीम लाठ भी कहा जाता है। इस पर अभिलेख उत्कीर्ण है। यह गुप्त काल का स्मारक है और इसे 5वीं शताब्दी ई. का माना जाता है। अभिलेख में विष्णुवर्धन का नाम मिलता है; इससे यह स्तम्भ दुर्ग के बाद के मध्यकालीन निर्माणों से अलग पहचाना जाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बयाना के प्राचीन दुर्ग की सूची में विष्णुवर्धन के अभिलेख को यज्ञ-स्तम्भ की स्थापना से जोड़ा है और विष्णुवर्धन को गुप्त शासक समुद्रगुप्त का संभावित सामंत बताया है। पास ही गुप्तकालीन सोने के सिक्कों का भंडार मिला था और भीम लाठ दुर्ग के प्रमुख स्मारकों में शामिल है। अभिलेख और गुप्तकालीन साक्ष्य बताते हैं कि सही उत्तर गुप्त काल है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) मौर्य काल सही नहीं है, क्योंकि स्तम्भ की पहचान विष्णुवर्धन और गुप्तकालीन साक्ष्यों से होती है; किसी मौर्य शासक, शिलालेख या मौर्यकालीन स्मारक से इसका संबंध नहीं मिलता।
- (C) सल्तनत काल सही नहीं है। बयाना दुर्ग का इतिहास बाद के मध्यकाल तक जाता है, लेकिन भीम लाठ स्तम्भ पर उत्कीर्ण अभिलेख उसे विष्णुवर्धन और गुप्त काल से जोड़ता है।
- (D) कुषाण काल सही नहीं है, क्योंकि न अभिलेख में, न भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूची में, इस स्तम्भ का कुषाण शासन या कुषाणकालीन पुरातात्त्विक सामग्री से कोई संबंध मिलता है। साक्ष्य इसे विष्णुवर्धन और गुप्त काल से जोड़ते हैं।
अवधारणा
अभिलेख स्थानीय स्मारकों का काल तय करने में मदद करते हैं। राजस्थान के कई दुर्गों में अलग-अलग काल के निर्माण मिलते हैं। इसलिए RAS के इतिहास, कला और संस्कृति के प्रश्नों में केवल दुर्ग की पहचान काफ़ी नहीं है; आपको संबंधित स्मारक, राजवंश और अभिलेख भी पहचानने चाहिए।
