RAS प्रश्न
अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स कितने दिनों तक मनाया जाता है?
सही उत्तर: (B) 6 दिन।
अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स रजब माह की 1 से 6 तारीख तक 6 दिनों तक मनाया जाता है।
व्याख्या
उर्स की अवधि 6 दिन मानी जाती है, क्योंकि यह इस्लामी कैलेंडर के रजब माह की 1 तारीख से शुरू होकर 6 तारीख तक चलता है। रजब का चांद दिखने के बाद दरगाह शरीफ की रोजमर्रा की व्यवस्था बदल जाती है और उर्स के 6 दिनों में मुख्य प्रवेश रात-दिन खुला रहता है। कुल की रस्म उर्स के अंतिम दिन, यानी रजब की 6 तारीख को होती है। इसलिए अवधि 6 दिन है। इस दौरान दरगाह पर चादर चढ़ाना, कव्वाली और लंगर जैसे प्रमुख अनुष्ठान भी जुड़े रहते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 15 दिन सही नहीं है, क्योंकि उर्स की मुख्य अवधि रजब की 1 से 6 तारीख तक, यानी 6 दिन रहती है।
- (C) 3 दिन अवधि को आधा कर देता है, जबकि उर्स रजब की 6 तारीख तक चलता है और अंतिम दिन कुल की रस्म होती है।
- (D) 10 दिन मुख्य उर्स-अवधि नहीं है, क्योंकि उर्स 6 दिनों तक चलता है और 6वें रजब को इसका अंतिम दिन होता है।
अवधारणा
राजस्थान की कला-संस्कृति में धार्मिक मेलों और उत्सवों की निश्चित अवधि RAS के लिए महत्वपूर्ण तथ्य है। अजमेर का उर्स राजस्थान की प्रमुख सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है।
