RAS प्रश्न
1818 में ब्रिटिश और राजपूत राज्यों के बीच हस्ताक्षरित संधि को किस नाम से जाना जाता है?
सही उत्तर: (B) सहायक संधि।
1818 में ब्रिटिश और राजपूत राज्यों के बीच हुई संधि को सहायक संधि कहा जाता है।
व्याख्या
1818 का संदर्भ समझना जरूरी है: इस समय ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने राजपूत राज्यों पर अपना प्रभाव निर्णायक रूप से बढ़ाया। प्रश्न में जिस 1818 की संधि की बात है, वह सहायक संधि थी। इसके तहत अधिकांश राजपूत शासकों ने ब्रिटिश सर्वोच्चता मानी, अपने दरबार में ब्रिटिश रेजिडेंट को स्वीकार किया और बाहरी संबंधों पर अपना नियंत्रण छोड़ दिया। बदले में उन्हें मराठा और पिंडारी छापों से ब्रिटिश सुरक्षा मिली। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका के अनुसार 1818 तक राजपूत प्रमुखों ने ब्रिटिश अधीनता स्वीकार कर ली थी और ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में निर्णायक शक्ति बन गई थी। इसलिए विकल्प B, सहायक संधि, 1818 के संदर्भ से मेल खाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) बेसिन की संधि 1802 में ब्रिटिशों और पेशवा के बीच हुई थी, इसलिए यह 1818 में राजपूत राज्यों के साथ हुई व्यवस्था का नाम नहीं है।
- (C) लाहौर की संधि 1846 में ब्रिटिशों और सिखों से जुड़ी थी, जबकि प्रश्न राजपूत राज्यों और 1818 की सहायक संधि पर है।
- (D) सगौली की संधि 1816 में ब्रिटिशों और नेपाल के बीच हुई थी, इसलिए उसका राजपूत राज्यों की 1818 वाली संधि से संबंध नहीं है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के राजपूत राज्यों और ब्रिटिश प्रभुत्व के शुरुआती दौर को परखता है। आरएएस में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि इससे रियासतों की राजनीतिक स्वायत्तता और ब्रिटिश संरक्षण-व्यवस्था का संबंध साफ होता है।
