RAS प्रश्न
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया। 2019 के अधिनियम की तुलना में इस संशोधन से कौन-सा प्रमुख परिवर्तन हुआ है?
सही उत्तर: (C) स्व-पहचान का प्रावधान हटाना; हिजड़ा और किन्नर जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानों को जोड़ना।
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 ने 2019 के अधिनियम में स्व-पहचान का आधार हटाकर हिजड़ा, किन्नर, अरावनी जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानों को मान्यता देने वाली परिभाषा जोड़ी।
व्याख्या
सही उत्तर C है, क्योंकि 2026 के विधेयक में 2019 अधिनियम की धारा 2 की परिभाषा बदलकर ट्रांसजेंडर व्यक्ति को ऐसी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानों से जोड़ा गया है, जिनमें किन्नर, हिजड़ा, अरावनी और जोगटा शामिल हैं। 2019 अधिनियम में व्यक्ति को स्व-अनुभूत लैंगिक पहचान का अधिकार था; संशोधन में इसी व्यापक स्व-पहचान आधार को हटाकर पहचान को अधिक सीमित और प्रमाणन-आधारित ढांचे में रखा गया है। विधेयक में चिकित्सा बोर्ड/प्राधिकरण की व्यवस्था और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी जुड़ती है। लोकसभा ने इसे 24 मार्च और राज्यसभा ने 25 मार्च 2026 को पारित किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि स्व-पहचान अधिकार 2019 अधिनियम में पहले से मौजूद आधार था; 2026 संशोधन का प्रमुख बदलाव उसे शुरू करना नहीं, बल्कि हटाना है।
- (B) B गलत है, क्योंकि संशोधन चिकित्सा बोर्ड/प्राधिकरण और प्रमाणन-आधारित प्रक्रिया जोड़ता है; इसलिए चिकित्सा बोर्ड प्रमाणन की आवश्यकता समाप्त नहीं की गई।
- (D) D गलत है, क्योंकि सरकारी नौकरियों में सभी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आरक्षण लाभ बढ़ाना 2026 संशोधन का प्रमुख बदलाव नहीं था।
अवधारणा
भारतीय संविधान और शासन में सामाजिक न्याय, अधिकार-मान्यता और प्रमाणन-आधारित कल्याण कानूनों की समझ जरूरी है। RAS में नए विधेयकों से जुड़े अधिकार, पात्रता और प्रशासनिक प्रक्रिया के छोटे बदलाव भी नीति-प्रभाव बदल देते हैं।
