RAS प्रश्न
पारंपरिक राजस्थानी अभिवादन 'खम्मा घणी' विशेष रूप से कहाँ प्रयुक्त होता है?
सही उत्तर: (D) मारवाड़ (पश्चिमी राजस्थान)।
पारंपरिक राजस्थानी अभिवादन ‘खम्मा घणी’ विशेष रूप से मारवाड़, यानी पश्चिमी राजस्थान, में प्रयुक्त होता है।
व्याख्या
‘खम्मा घणी’ पश्चिमी राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र का पारंपरिक अभिवादन है। पश्चिमी राजस्थान आने वाले व्यक्ति को यह विशिष्ट अभिवादन सुनाई देता है, और मारवाड़ी तथा राजस्थान में बोली जाने वाली उसकी निकट भाषाओं में यह आदरपूर्ण सामान्य अभिवादन के रूप में प्रचलित है। इसलिए विकल्प D सही है: यह केवल किसी एक शहर, जैसे कोटा या जयपुर, तक सीमित नहीं है और न ही केवल मंदिरों में बोला जाने वाला वाक्य है। इसका प्रयोग आदर, अभिवादन और शुभेच्छा के भाव से जुड़ा है, जो मारवाड़ की बोली और सांस्कृतिक पहचान को दिखाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कोटा तक सीमित बताना गलत है, क्योंकि ‘खम्मा घणी’ पश्चिमी राजस्थान और मारवाड़ी भाषाई क्षेत्र का आदरपूर्ण अभिवादन है।
- (B) इसे केवल मंदिरों में प्रयुक्त मानना गलत है, क्योंकि यह सामान्य सम्मानपूर्ण अभिवादन के रूप में बोला जाता है।
- (C) जयपुर तक सीमित करना गलत है, क्योंकि इसका प्रमुख संबंध मारवाड़/पश्चिमी राजस्थान से है।
अवधारणा
राजस्थान की क्षेत्रीय बोलियों और लोक-सांस्कृतिक अभिवादन-परंपराओं में क्षेत्र, बोली और सांस्कृतिक व्यवहार का सीधा संबंध दिखता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
