RAS प्रश्न
पारंपरिक राजस्थानी भोजन 'दाल-बाटी-चूरमा' किसका प्रतीक है?
सही उत्तर: (D) तीनों खाद्य समूहों से बना राजस्थान का प्रसिद्ध व्यंजन।
दाल-बाटी-चूरमा राजस्थान का प्रतिष्ठित पूरा भोजन है, जिसमें दाल, गेहूँ की बाटी और मीठा चूरमा मिलकर पारंपरिक राजस्थानी खान-पान को दिखाते हैं।
व्याख्या
दाल-बाटी-चूरमा को केवल एक पकवान नहीं, बल्कि राजस्थान के पूरे भोजन की पहचान के रूप में समझना चाहिए। इसमें दाल प्रोटीन का भाग है, बाटी पकी हुई गेहूँ की रोटी के रूप में कार्बोहाइड्रेट देती है और चूरमा घी-चीनी के साथ बना मीठा भाग है। राजस्थान पर्यटन भी इसे राजस्थान के सबसे पसंद किए जाने वाले पूर्ण भोजनों में रखता है और बताता है कि इसमें दाल, बाटी और चूरमा साथ परोसे जाते हैं। इसलिए यह पेय, हल्का नाश्ता या केवल मिठाई नहीं है; यह शुष्क रेगिस्तानी जलवायु के अनुकूल बनी पारंपरिक राजस्थानी भोजन-शैली का प्रतिनिधि व्यंजन है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दाल-बाटी-चूरमा पेय नहीं है, क्योंकि इसमें दाल, गेहूँ की बाटी और चूरमा जैसे खाने वाले घटक शामिल हैं।
- (B) इसे नाश्ता कहना गलत है, क्योंकि राजस्थान पर्यटन इसे पूर्ण भोजन बताता है, हल्के बीच-भोजन के रूप में नहीं।
- (C) यह केवल मिठाई नहीं है, क्योंकि चूरमा मीठा भाग है, लेकिन उसके साथ दाल और गेहूँ की बाटी भी अनिवार्य घटक हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की पारंपरिक भोजन-संस्कृति और भौगोलिक अनुकूलन की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि खान-पान को क्षेत्रीय पहचान, जलवायु और लोक-संस्कृति से जोड़कर पूछा जाता है।
