RAS प्रश्न
पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन 'रबड़ी' (या मालपुआ रबड़ी के साथ) क्या है?
सही उत्तर: (B) गाढ़े मीठे दूध से बनी मिठाई, जिसे तली हुई आटे की पूरियों (मालपुआ) के साथ परोसा जाता है।
रबड़ी गाढ़े, मीठे दूध की मिठाई है, जिसे मालपुआ जैसे घी में तले आटे के पकवान के साथ परोसा जाता है।
व्याख्या
रबड़ी को करी, अचार या चावल का व्यंजन समझना गलत होगा, क्योंकि इसका आधार दूध है। रबड़ी मीठा, सांद्रित पूरे दूध का उत्पाद है, जिसमें दूध को वाष्पित और गाढ़ा करने से मलाई की मोटी परत बनती है। पारंपरिक तरीके में भैंस के दूध को कड़ाही में धीमी आंच पर गरम किया जाता है, ऊपर जमी मलाई को अलग कर किनारे लगाया जाता है, दूध कम होने पर चीनी मिलाई जाती है और फिर वही मलाई मीठे गाढ़े दूध में वापस मिलाई जाती है। मालपुआ घी में तला आटे का पैनकेक है; इसलिए मालपुआ-रबड़ी का मेल राजस्थान की मिठाई के रूप में सही बैठता है, जो तीज, गणगौर और होली जैसे त्योहारों से भी जुड़ा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मसालेदार करी नमकीन और मसाला-आधारित व्यंजन होती है, जबकि रबड़ी दूध को गाढ़ा कर चीनी के साथ बनाई जाने वाली मीठी मिठाई है।
- (C) अचार में संरक्षित मसालेदार सामग्री होती है; रबड़ी में दूध, मलाई और चीनी का आधार है, इसलिए यह अचार नहीं हो सकती।
- (D) चावल की तैयारी का आधार चावल होता है, जबकि रबड़ी का आधार गाढ़ा किया हुआ दूध है और मालपुआ आटे से बनता है।
अवधारणा
राजस्थान की खाद्य-संस्कृति में पारंपरिक मिठाइयों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि त्योहार, क्षेत्रीय व्यंजन और लोक-संस्कृति राजस्थान कला-संस्कृति खंड के बार-बार पूछे जाने वाले हिस्से हैं।
