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RAS प्रश्न

जेम्स टोबिन द्वारा प्रस्तावित टोबिन कर किस पर लगाया जाने वाला कर है:

सही उत्तर: (C) अल्पकालिक सट्टेबाज़ी वाले विदेशी मुद्रा लेनदेन।

जेम्स टोबिन द्वारा प्रस्तावित टोबिन कर अल्पकालिक सट्टा विदेशी मुद्रा लेनदेन पर लगाया जाने वाला छोटा कर है।

  1. (A)

    बैंक का लाभ

  2. (B)

    रियल एस्टेट लेनदेन

  3. (C)

    अल्पकालिक सट्टेबाज़ी वाले विदेशी मुद्रा लेनदेन

  4. (D)

    लक्जरी वस्तुओं का आयात

व्याख्या

टोबिन कर का लक्ष्य बैंक या व्यापारिक लाभ पर कर लगाना नहीं था, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में मुद्रा-से-मुद्रा विनिमय वाले लेनदेन को महंगा बनाकर सट्टेबाजी घटाना था। जेम्स टोबिन ने इसे 1972 में प्रस्तावित किया था और इसका उद्देश्य अल्पकालिक विदेशी मुद्रा लेनदेन पर छोटा कर लगाकर अटकलबाजी को हतोत्साहित करना तथा विनिमय दर की अस्थिरता कम करना था। आईएमएफ फाइनेंस एंड डेवलपमेंट के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन पर ऐसा कर था, जिसे सट्टा मुद्रा व्यापार रोकने और विनिमय दर की अस्थिरता घटाने के लिए सोचा गया। इसलिए विकल्प C सही है। भारत का प्रतिभूति लेनदेन कर इसी तरह बाजार-लेनदेन पर कर लगाने की अवधारणा से कुछ हद तक मिलता है, पर उसका क्षेत्र शेयर बाजार है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) बैंक लाभ टोबिन कर का आधार नहीं है, क्योंकि यह कर लाभ कमाने वाली संस्था पर नहीं बल्कि विदेशी मुद्रा लेनदेन पर केंद्रित था।
  • (B) अचल संपत्ति लेनदेन घरेलू संपत्ति-खरीद बिक्री से जुड़ा क्षेत्र है, जबकि टोबिन कर मुद्रा विनिमय और विदेशी मुद्रा बाजार की सट्टेबाजी से संबंधित था।
  • (D) विलासिता वस्तुओं का आयात व्यापार नीति का विषय है, जबकि टोबिन कर का उद्देश्य विदेशी मुद्रा लेनदेन को महंगा कर सट्टा मुद्रा व्यापार घटाना था।

अवधारणा

अंतरराष्ट्रीय वित्त और पूंजी प्रवाह नियंत्रण में टोबिन कर जैसे औजार महत्वपूर्ण हैं। RAS के अर्थव्यवस्था खंड में कर नीति, वित्तीय बाजार और विनिमय दर की अस्थिरता मूल विषय हैं।

स्रोत

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