RAS प्रश्न
प्राचीन दक्षिण भारत के तीन संगम राजवंश थे:
सही उत्तर: (D) चोल, पांड्य, चेर।
प्राचीन दक्षिण भारत के संगम काल के तीन प्रमुख तमिल राजवंश चोल, पांड्य और चेर थे।
व्याख्या
संगम काल को समझने में मुख्य पहचान तमिल दक्षिण के राजवंशों से बनती है। यह काल तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ई. तक माना गया है और इसके तीन प्राचीन तमिल राजवंश चोल, पांड्य और चेर थे। इसी से विकल्प D सीधा सही बैठता है। तमिलकम के संदर्भ में पांड्य राजवंश मदुरै, चेर राजवंश मालाबार तट, और चोल राजवंश कावेरी घाटी से जुड़ा था। चालुक्य, सातवाहन, पल्लव, होयसल और राष्ट्रकूट जैसे नाम भ्रम पैदा करते हैं, पर वे संगम त्रयी का हिस्सा नहीं हैं। संगम साहित्य में इन्हीं दक्षिण भारतीय राजवंशों और उस समय की सांस्कृतिक दुनिया का वर्णन मिलता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पांड्य संगम त्रयी में आते हैं, लेकिन चालुक्य और सातवाहन संगम राजवंश नहीं हैं, इसलिए यह समूह सही नहीं बनता।
- (B) चोल सही संगम राजवंश हैं, पर पल्लव और होयसल संगम त्रयी में नहीं आते; इसलिए यह विकल्प मिश्रित और गलत है।
- (C) पल्लव, चालुक्य और राष्ट्रकूट संगम राजवंश नहीं माने जाते, जबकि सही त्रयी चोल, पांड्य और चेर है।
अवधारणा
प्राचीन दक्षिण भारत में संगम काल और तमिल राजवंशों की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण भारतीय इतिहास में राजवंश, क्षेत्र और साहित्य को साथ जोड़कर बार-बार पूछा जाता है।
