RAS प्रश्न
राजपूत परंपरा में 'साका' शब्द का अर्थ है:
सही उत्तर: (B) महिलाओं के जौहर और पुरुषों की मृत्यु पर्यंत लड़ाई की संयुक्त घटना।
राजपूत परंपरा में साका उस संयुक्त स्थिति को कहा जाता है जिसमें महिलाओं के जौहर के बाद पुरुष केसरिया पहनकर आत्मसमर्पण के बजाय मृत्यु तक युद्ध करते थे।
व्याख्या
साका को केवल जौहर का दूसरा नाम मानना अधूरा है। हार निश्चित माने जाने पर पहले महिलाएं जौहर करती थीं और उसके बाद पुरुष योद्धा केसरिया बाना पहनकर अंतिम लड़ाई के लिए निकलते थे। UNESCO के हिल फोर्ट्स संबंधी नामांकन दस्तावेज में भी जौहर को महिलाओं के आत्मदाह से जोड़ा गया है और शाका को जौहर के बाद किले से निकलकर मृत्यु तक लड़ने वाले योद्धाओं की कार्रवाई बताया गया है। साका का सही अर्थ संयुक्त घटना है: जौहर और उसके बाद पुरुषों की अंतिम युद्ध-प्रतिज्ञा। विकल्प B पूरे अर्थ को पकड़ता है, जबकि केवल आत्मदाह या सामान्य अनुष्ठान वाला अर्थ अधूरा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) साका केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था; यह जौहर के बाद पुरुषों के मृत्यु तक युद्ध करने से जुड़ा था।
- (C) केवल महिलाओं का आत्मदाह जौहर है, जबकि साका में जौहर के बाद पुरुष योद्धाओं का अंतिम युद्ध भी शामिल है।
- (D) शांति संधि में युद्ध रोकने या समझौते का भाव होता है, जबकि साका आत्मसमर्पण के बजाय मृत्यु तक लड़ने की स्थिति बताता है।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास, कला और संस्कृति में राजपूत युद्ध-परंपराओं की समझ के लिए साका और जौहर का अंतर महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे शब्द इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि एक छोटे पारिभाषिक फर्क से जौहर और साका जैसे जुड़े हुए पर अलग अर्थों वाले प्रसंगों की पहचान होती है।
