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RAS प्रश्न

'हेलीकॉप्टर ड्रॉप' मात्रात्मक ढील से भिन्न है क्योंकि:

सही उत्तर: (A) हेलीकॉप्टर मनी से सीधे सरकारी खर्च का वित्तपोषण होता है, जबकि QE में वित्तीय परिसंपत्तियां खरीदी जाती हैं।

हेलीकॉप्टर मनी मात्रात्मक ढील से इसलिए अलग है कि इसमें सरकार के अतिरिक्त खर्च को सीधे केंद्रीय बैंक के पैसे से वित्तपोषित किया जाता है, जबकि मात्रात्मक ढील में केंद्रीय बैंक वित्तीय परिसंपत्तियां खरीदता है।

  1. (A)

    हेलीकॉप्टर मनी से सीधे सरकारी खर्च का वित्तपोषण होता है, जबकि QE में वित्तीय परिसंपत्तियां खरीदी जाती हैं

  2. (B)

    QE अधिक मुद्रास्फीतिकारी है

  3. (C)

    वे एक ही चीज हैं

  4. (D)

    हेलीकॉप्टर मनी से मुद्रा आपूर्ति कम होती है

व्याख्या

मात्रात्मक ढील में केंद्रीय बैंक बाजार से परिसंपत्तियां, खासकर सरकारी ऋण, खरीदता है ताकि दीर्घकालिक ब्याज दरों पर असर पड़े और वित्तीय हालात आसान हों। ये सरकारी बॉन्ड द्वितीयक बाजार से खरीदे जाते हैं और बाद में बेचे भी जा सकते हैं। इसके उलट हेलीकॉप्टर मनी प्रत्यक्ष राजकोषीय मुद्रीकरण है: IMF स्वतंत्र मूल्यांकन कार्यालय इसे ऐसे उदाहरण से समझाता है जिसमें केंद्रीय बैंक अतिरिक्त सार्वजनिक खर्च के वित्तपोषण के लिए सरकार को सीधे उधार देकर अपनी बैलेंस शीट बढ़ाता है। इसलिए इसका असर ज्यादा तेज हो सकता है, पर यह स्थायी पैसा डालने जैसा है; इससे मुद्रास्फीति का जोखिम और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर दबाव बढ़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) यह उलटा निष्कर्ष देता है, क्योंकि हेलीकॉप्टर मनी को अधिक तेज असर वाली और अधिक मुद्रास्फीति-जोखिम वाली व्यवस्था माना गया है।
  • (C) दोनों एक ही चीज नहीं हैं, क्योंकि मात्रात्मक ढील परिसंपत्ति-खरीद पर आधारित है जबकि हेलीकॉप्टर मनी सरकारी खर्च के प्रत्यक्ष मौद्रीकरण से जुड़ी है।
  • (D) हेलीकॉप्टर मनी मुद्रा आपूर्ति घटाती नहीं है; इसमें स्थायी रूप से पैसा डाला जाता है, इसलिए दिशा मुद्रा आपूर्ति बढ़ाने की होती है।

अवधारणा

यह प्रश्न मौद्रिक नीति के असामान्य उपकरणों और राजकोषीय-मौद्रिक सीमा को परखता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि मुद्रास्फीति, केंद्रीय बैंक की भूमिका और सरकारी उधारी आपस में सीधे जुड़े हुए मुद्दे हैं।

स्रोत

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