RAS प्रश्न
91वें संशोधन से दसवीं अनुसूची में कौन-सी छूट हटाई गई?
सही उत्तर: (C) विभाजन (एक-तिहाई सदस्यों द्वारा पृथक समूह बनाना)।
91वें संविधान संशोधन ने दसवीं अनुसूची से विभाजन की वह छूट हटाई, जिसमें विधायक दल के कम-से-कम एक-तिहाई सदस्य अलग समूह बनाकर दलबदल से बच सकते थे।
व्याख्या
91वें संशोधन का निशाना दसवीं अनुसूची का पैरा 3 था। इस पैरा में दल के विभाजन को दलबदल की अयोग्यता से अपवाद माना गया था, बशर्ते अलग होने वालों की संख्या विधायक दल के कम-से-कम एक-तिहाई सदस्यों तक पहुंचती हो। विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट बताती है कि यह प्रावधान दलबदल रोकने के बजाय समूह में दलबदल को जगह दे रहा था, इसलिए संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2003 ने पैरा 3 को पूरी तरह हटा दिया। इसी कारण विकल्प C सही है। रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि पैरा 4 में विलय का अपवाद बचा रहा, जहां कम-से-कम दो-तिहाई सदस्यों की सहमति चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मनोनीत सदस्यों की छूट 91वें संशोधन से हटाई गई छूट नहीं थी; 91वें संशोधन का उल्लेख पैरा 3 के विभाजन अपवाद के लिए है।
- (B) विलय हटाया नहीं गया था; पैरा 4 का विलय अपवाद जारी रहा और इसके लिए कम-से-कम दो-तिहाई सदस्यों की सहमति चाहिए।
- (D) निर्दलीय उम्मीदवार इस संशोधन से हटाई गई छूट नहीं थे; हटाया गया प्रावधान एक-तिहाई सदस्यों द्वारा विभाजन बनाकर दलबदल से बचने वाला पैरा 3 था।
अवधारणा
यह प्रश्न दसवीं अनुसूची और दलबदल-विरोधी कानून के अपवादों की समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि संवैधानिक संशोधन, दल-बदल और विधानसभा व्यवहार सीधे शासन-व्यवस्था से जुड़ते हैं।
