RAS प्रश्न
बादामी, ऐहोल और पट्टदकल के मंदिर किस वंश के हैं?
सही उत्तर: (A) बादामी के चालुक्य (छठी-आठवीं शताब्दी)।
बादामी, ऐहोल और पट्टदकल के मंदिर 6वीं-8वीं शताब्दी के बादामी के प्रारंभिक चालुक्यों से संबंधित हैं।
व्याख्या
बादामी के प्रारंभिक चालुक्यों ने 6वीं-8वीं शताब्दी में दक्कन क्षेत्र में मंदिर और गुफा स्थापत्य का बड़ा समूह विकसित किया। UNESCO के स्रोत में ऐहोल, बादामी और पट्टदकल को ऐसे स्मारक-समूह के रूप में रखा गया है जो प्रारंभिक चालुक्य काल में हिंदू गुफा और मंदिर स्थापत्य के प्रयोग और विकास को दिखाते हैं। ऐहोल को इसी कारण भारतीय मंदिर वास्तुकला की जन्मस्थली कहा जाता है, क्योंकि वहां विविध रूपों में मंदिर-योजना के प्रयोग मिलते हैं। बादामी में 4 प्रसिद्ध गुफा मंदिर हैं। पट्टदकल में नागर और द्रविड़ दोनों शैलियों के मंदिर दिखते हैं और वहां यह प्रयोग अधिक परिपक्व रूप में सामने आता है। इसलिए वंश की पहचान चोल, राष्ट्रकूट या पल्लव नहीं, बल्कि बादामी के चालुक्य है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) चोल इस प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकते, क्योंकि दिए गए ऐहोल-बादामी-पट्टदकल समूह को स्रोत और व्याख्या प्रारंभिक चालुक्य/बादामी-चालुक्य स्थापत्य से जोड़ते हैं।
- (C) राष्ट्रकूट विकल्प गलत है, क्योंकि प्रश्न में पूछे गए प्रमुख मंदिर-समूह 6वीं-8वीं शताब्दी के प्रारंभिक चालुक्य प्रयोगों और विकास से संबंधित बताए गए हैं।
- (D) पल्लव विकल्प गलत है, क्योंकि बादामी, ऐहोल और पट्टदकल की पहचान यहां दक्कन के बादामी-चालुक्य मंदिर स्थापत्य से बनती है, पल्लव स्थापत्य से नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन-मध्यकालीन भारत के मंदिर स्थापत्य और राजवंशीय संरक्षण की पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि स्थल, शैली और वंश को मिलाकर स्थापत्य इतिहास पूछा जाता है।
