RAS प्रश्न
सूफ़ी सिलसिला जिसने शरिया (इस्लामी कानून) के कड़े पालन पर बल दिया:
सही उत्तर: (D) नक्शबंदी सिलसिला।
शरिया यानी इस्लामी कानून के कड़े पालन पर सबसे स्पष्ट बल नक्शबंदी सिलसिले ने दिया।
व्याख्या
नक्शबंदी सिलसिला भारत का सबसे रूढ़िवादी सूफी सिलसिला माना जाता है, और शेख अहमद सरहिंदी ने अकबर की समन्वयवादी नीति का विरोध करते हुए शरीयत पालन पर जोर दिया। Encyclopedia.com के अनुसार नक्शबंदी सिलसिले की मुख्य पहचान पैगंबर मुहम्मद से अबू बक्र अल-सिद्दीक तक सिलसिला जोड़ने, मौन ज़िक्र और शरिया यानी इस्लामी कानून के मजबूत पालन से बनती है। इसी कारण यह सिलसिला चिश्ती जैसी अपेक्षाकृत उदार परंपराओं से अलग दिखता है। इसने समा यानी संगीत को अस्वीकार किया और भारत में सरहिंदी के जरिए इसका पुनर्संस्कार हुआ।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सुहरावर्दी सिलसिला सही नहीं है, क्योंकि शरिया के कड़े पालन, मौन ज़िक्र और अकबर की समन्वयवादी नीति के विरोध वाली पहचान नक्शबंदी सिलसिले से जुड़ी है।
- (B) कादिरी सिलसिला सही नहीं है, क्योंकि शरिया पालन को प्रमुख पहचान के रूप में नक्शबंदी सिलसिले से जोड़ा जाता है।
- (C) चिश्ती सिलसिला गलत है, क्योंकि कड़ा शरीयत-पालन और रूढ़िवादी रुख नक्शबंदी सिलसिले की विशेषता है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में सूफी सिलसिलों की वैचारिक भिन्नताएँ धार्मिक-सांस्कृतिक इतिहास को मुगलकालीन राजनीति और समाज से जोड़ती हैं। RAS में यह संबंध महत्वपूर्ण रहता है।
